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Rishikesh News: हिमालयन अस्पताल की एनआईसीयू एंबुलेंस से नवजात को मिला नया जीवन
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24 सप्ताह के नवजात को हल्द्वानी से पहुंचाया जौलीग्रांट
हल्द्वानी में जन्मे 24 सप्ताह के नवजात को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट ऑन व्हील्स (हाईटेक एनआईसीयू एंबुलेंस) से करीब 270 किमी दूर हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में शिफ्ट किया गया। समय से पूर्व जन्मे इस नवजात का वजन केवल 700 ग्राम था, वहीं सांस लेने में भी समस्या आ रही थी।
अस्पताल के नवजात शिशु चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश गुप्ता ने बताया कि हल्द्वानी के निजी अस्पताल में नवजात का जन्म हुआ था, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने हिमालयन अस्पताल में संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल की एनआईसीयू एंबुलेंस के साथ ही दो डॉक्टर और एक नर्स को हल्द्वानी भेजा गया। एंबुलेंस में ही डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज शुरू कर दिया और उसे वेंटिलेटर पर रखा। हल्द्वानी से अस्पताल आने तक पूरे रास्ते उसकी निगरानी की गई।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि इस हाईटेक एंबुलेंस में दो नवजात बच्चों के बिस्तर, ऑक्सीजन थैरेपी, रेसीपीरेट्री सपोर्ट, ब्रेन सपोर्ट, एडवांस कार्डियक मैनेजमेंट थर्मल सपोर्ट, पीलिया प्रबंधन, ब्लड ग्लूकोज एंड मॉनिटरिंग, फोटोथैरेपी, मेटाबॉलिक मॉनिटरिंग सपोर्ट, एबीजी एंड टाइडल कैप्नोग्राफी, एडवांस मल्टी पैरामीटर मॉनिटरिंग आदि की सुविधाएं हैं।
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हल्द्वानी में जन्मे 24 सप्ताह के नवजात को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट ऑन व्हील्स (हाईटेक एनआईसीयू एंबुलेंस) से करीब 270 किमी दूर हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में शिफ्ट किया गया। समय से पूर्व जन्मे इस नवजात का वजन केवल 700 ग्राम था, वहीं सांस लेने में भी समस्या आ रही थी।
अस्पताल के नवजात शिशु चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश गुप्ता ने बताया कि हल्द्वानी के निजी अस्पताल में नवजात का जन्म हुआ था, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने हिमालयन अस्पताल में संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल की एनआईसीयू एंबुलेंस के साथ ही दो डॉक्टर और एक नर्स को हल्द्वानी भेजा गया। एंबुलेंस में ही डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज शुरू कर दिया और उसे वेंटिलेटर पर रखा। हल्द्वानी से अस्पताल आने तक पूरे रास्ते उसकी निगरानी की गई।
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स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि इस हाईटेक एंबुलेंस में दो नवजात बच्चों के बिस्तर, ऑक्सीजन थैरेपी, रेसीपीरेट्री सपोर्ट, ब्रेन सपोर्ट, एडवांस कार्डियक मैनेजमेंट थर्मल सपोर्ट, पीलिया प्रबंधन, ब्लड ग्लूकोज एंड मॉनिटरिंग, फोटोथैरेपी, मेटाबॉलिक मॉनिटरिंग सपोर्ट, एबीजी एंड टाइडल कैप्नोग्राफी, एडवांस मल्टी पैरामीटर मॉनिटरिंग आदि की सुविधाएं हैं।
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