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Rishikesh News: कांवड़ यात्रा शुरू होते ही नीलकंठ में ठप हुई इंटरनेट सेवा
Thu, 30 Jul 2026 06:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:54 PM IST
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- श्रद्धालु परेशान, प्रशासन को सूचना भेजने में हो रही दिक्कत
- कांवड़ यात्रा में 1200 पुलिसकर्मी एवं कई दर्जन कर्मचारी अधिकारी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
यमकेश्वर। नीलकंठ क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। इसकी वजह से हजारों श्रद्धालु अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सुरक्षा और निगरानी में लगे प्रशासन के लिए भी सूचनाएं समय पर भेजना मुश्किल हो गया है।
बृहस्पतिवार को नीलकंठ क्षेत्र में इंटरनेट सुविधा ठप हो गई। नीलकंठ कांवड़ यात्रा में इस बार 1200 पुलिस कर्मी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ के कारण मोबाइल टावरों पर अचानक लोड बढ़ गया है।
टावर ऑपरेटरों का कहना है कि नीलकंठ क्षेत्र में क्षमता के अनुरूप टावर लगाए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान अचानक उपभोक्ताओं की संख्या क्षमता से कई गुना बढ़ जाती है, जिससे नेटवर्क जाम हो जाता है।
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इंटरनेट न चलने से श्रद्धालु अपने घर परिजनों को अपनी कुशलता की सूचना नहीं दे पा रहे। ऑनलाइन पेमेंट और जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकांश यात्री ऑनलाइन भुगतान करने का प्रयास करते हैं लेकिन इंटरनेट न चलने से कई बार विवाद की नौबत हो रही है।
ऑनलाइन पार्किंग शुल्क देने में दिक्कतें आ रही हैं। जिस कारण यात्रियों एवं पार्किंग संचालकों के बीच विवाद की समस्या देखी जा रही है। पार्किंग संचालकों ने इंटरनेट दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं पुलिस और प्रशासन को कंट्रोल रूम में समय पर सूचनाएं भेजने में दिक्कत आ रही हैं।
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स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि हर साल सावन में यही दिक्कत आती है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, पेमेंट और जरूरी काम सब प्रभावित हो जाते हैं। नीलकंठ क्षेत्र में बीएसएनएल का भी टावर लगा है, लेकिन पिछले कुछ समय से बीएसएनएल के उपभोक्ता बहुत कम रह गए हैं। ज्यादातर निजी कंपनियों के टावर हैं, लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी व्यवस्था भी चरमरा जाती है। लोगों ने प्रशासन और मोबाइल कंपनियों से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल अस्थायी बूस्टर लगाने के बजाय स्थायी रूप से अतिरिक्त टावर और क्षमता बढ़ाई जाए।
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नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में इंटरनेट समस्या के सुधार के लिए पूर्व में बीएसएनएल एवं निजी ऑपरेटरों को निर्देशित किया गया था। कांवड़ यात्रा के दौरान इंटरनेट चलना आवश्यक है। - चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर।
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नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में इंटरनेट न चलने का मामला संज्ञान में आया है। जल्द तकनीकी टीम भेजकर दिखवाया जाएगा। - सुजान सिंह नेगी, जिओ इंफ्रा लीड
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- कांवड़ यात्रा में 1200 पुलिसकर्मी एवं कई दर्जन कर्मचारी अधिकारी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
यमकेश्वर। नीलकंठ क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। इसकी वजह से हजारों श्रद्धालु अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सुरक्षा और निगरानी में लगे प्रशासन के लिए भी सूचनाएं समय पर भेजना मुश्किल हो गया है।
बृहस्पतिवार को नीलकंठ क्षेत्र में इंटरनेट सुविधा ठप हो गई। नीलकंठ कांवड़ यात्रा में इस बार 1200 पुलिस कर्मी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ के कारण मोबाइल टावरों पर अचानक लोड बढ़ गया है।
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टावर ऑपरेटरों का कहना है कि नीलकंठ क्षेत्र में क्षमता के अनुरूप टावर लगाए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान अचानक उपभोक्ताओं की संख्या क्षमता से कई गुना बढ़ जाती है, जिससे नेटवर्क जाम हो जाता है।
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इंटरनेट न चलने से श्रद्धालु अपने घर परिजनों को अपनी कुशलता की सूचना नहीं दे पा रहे। ऑनलाइन पेमेंट और जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकांश यात्री ऑनलाइन भुगतान करने का प्रयास करते हैं लेकिन इंटरनेट न चलने से कई बार विवाद की नौबत हो रही है।
ऑनलाइन पार्किंग शुल्क देने में दिक्कतें आ रही हैं। जिस कारण यात्रियों एवं पार्किंग संचालकों के बीच विवाद की समस्या देखी जा रही है। पार्किंग संचालकों ने इंटरनेट दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं पुलिस और प्रशासन को कंट्रोल रूम में समय पर सूचनाएं भेजने में दिक्कत आ रही हैं।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि हर साल सावन में यही दिक्कत आती है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, पेमेंट और जरूरी काम सब प्रभावित हो जाते हैं। नीलकंठ क्षेत्र में बीएसएनएल का भी टावर लगा है, लेकिन पिछले कुछ समय से बीएसएनएल के उपभोक्ता बहुत कम रह गए हैं। ज्यादातर निजी कंपनियों के टावर हैं, लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी व्यवस्था भी चरमरा जाती है। लोगों ने प्रशासन और मोबाइल कंपनियों से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल अस्थायी बूस्टर लगाने के बजाय स्थायी रूप से अतिरिक्त टावर और क्षमता बढ़ाई जाए।
नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में इंटरनेट समस्या के सुधार के लिए पूर्व में बीएसएनएल एवं निजी ऑपरेटरों को निर्देशित किया गया था। कांवड़ यात्रा के दौरान इंटरनेट चलना आवश्यक है। - चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर।
नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में इंटरनेट न चलने का मामला संज्ञान में आया है। जल्द तकनीकी टीम भेजकर दिखवाया जाएगा। - सुजान सिंह नेगी, जिओ इंफ्रा लीड