{"_id":"6536b41bd51e8835140128e6","slug":"in-the-staging-of-ramlila-organized-by-shri-ramlila-rishikesh-news-c-5-1-drn1031-273024-2023-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध का किया गया मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध का किया गया मंचन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Iफोटो लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध का किया गया मंचनI
प्रतीतनगर के हनुमान चौक में श्रीरामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला के मंचन में कलाकारों ने लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध का मंचन किया। रामलीला में मुख्य अतिथि प्रभारी निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली ने युवाओं में फैल रही नशे की लत और ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूक किया।
रामलीला में प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर लक्ष्मण युद्ध भूमि पहुंचते हैं, जहां उनका सामना रावण के बलशाली पुत्र मेघनाथ से होता है। दोनों के बीच युद्ध होता है, जब मेघनाथ को लगता है कि वह पराजित होने वाला है तो वह शक्तिबाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। हनुमान लक्ष्मण को लेकर प्रभु श्रीराम के पास पहुंचते हैं। श्रीराम, लक्ष्मण की यह दशा देखकर विलाप करने लगते हैं, तभी मंत्री जामवंत से लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए कोई उपाय पूछते हैं, जामवंत श्रीराम को बताते हैं की लंका के एक वैद्य है, जिनका नाम सुषेन है, वह लक्ष्मण के प्राण बचा सकते हैं।
हनुमान सुषेन वैद्य को लेकर लक्ष्मण के पास पहुंचते हैं। जहां सुषेन वैद्य लक्ष्मण को देखकर बताते हैं कि लक्ष्मण के प्राण सिर्फ संजीवनी बूटी से बचाए जा सकते हैं जो धौलागिरी पर्वत पर स्थित है। इतना सुनते ही वीर हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए धौलागिरी पर्वत पर पहुंच जाते हैं। जहां बूटी की पहचान न होने के कारण वह पूरा का पूरा पहाड़ ही उठाकर सुषेन वैद्य के पास पहुंच जाते हैं। इसके बाद सुषेन वैद्य की ओर से संजीवनी बूटी की मदद से लक्ष्मण को ठीक किया जाता है। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को गले लगाते हैं और युद्ध की घोषणा करते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य दिब्या बेलवाल, एके सिंह, महेंद्र राणा, अजय साहू, पूरण मोघा, अनिल कुमार, संतोष शाह, अनिल डबराल, मनोज कंडवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीतनगर के हनुमान चौक में श्रीरामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला के मंचन में कलाकारों ने लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध का मंचन किया। रामलीला में मुख्य अतिथि प्रभारी निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली ने युवाओं में फैल रही नशे की लत और ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूक किया।
रामलीला में प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर लक्ष्मण युद्ध भूमि पहुंचते हैं, जहां उनका सामना रावण के बलशाली पुत्र मेघनाथ से होता है। दोनों के बीच युद्ध होता है, जब मेघनाथ को लगता है कि वह पराजित होने वाला है तो वह शक्तिबाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। हनुमान लक्ष्मण को लेकर प्रभु श्रीराम के पास पहुंचते हैं। श्रीराम, लक्ष्मण की यह दशा देखकर विलाप करने लगते हैं, तभी मंत्री जामवंत से लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए कोई उपाय पूछते हैं, जामवंत श्रीराम को बताते हैं की लंका के एक वैद्य है, जिनका नाम सुषेन है, वह लक्ष्मण के प्राण बचा सकते हैं।
विज्ञापन
हनुमान सुषेन वैद्य को लेकर लक्ष्मण के पास पहुंचते हैं। जहां सुषेन वैद्य लक्ष्मण को देखकर बताते हैं कि लक्ष्मण के प्राण सिर्फ संजीवनी बूटी से बचाए जा सकते हैं जो धौलागिरी पर्वत पर स्थित है। इतना सुनते ही वीर हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए धौलागिरी पर्वत पर पहुंच जाते हैं। जहां बूटी की पहचान न होने के कारण वह पूरा का पूरा पहाड़ ही उठाकर सुषेन वैद्य के पास पहुंच जाते हैं। इसके बाद सुषेन वैद्य की ओर से संजीवनी बूटी की मदद से लक्ष्मण को ठीक किया जाता है। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को गले लगाते हैं और युद्ध की घोषणा करते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य दिब्या बेलवाल, एके सिंह, महेंद्र राणा, अजय साहू, पूरण मोघा, अनिल कुमार, संतोष शाह, अनिल डबराल, मनोज कंडवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन