फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Hullahwali in fitness of vehicles in ARTO office

एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फिटनेस में हीलाहवाली

Thu, 26 Nov 2020 12:35 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 12:35 AM IST
विज्ञापन
Hullahwali in fitness of vehicles in ARTO office
एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस के लिए लगी वाहनों की लंबी लाइन । - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फिटनेस में हीलाहवाली हो रही है। वाहनों पर घटिया क्वालिटी की रेडियम का प्रयोग किया जा रहा है। बिना रेडियम टेप लगे वाहनों को पास करने पर प्राविधिक निरीक्षक विभागीय नियमों की दुहाई दे रहे हैं। ऐसे में घटिया क्वालिटी की टेप लगाने से रात में वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है।
विज्ञापन

जब भी एआरटीओ कार्यालय में कोई भी वाहन फिटनेस के लिए जाता है, जांच में सबसे पहले उस पर लगी रेडियम टेप की जांच की जाती है। ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से मान्यता प्राप्त थ्री एम, एल्कोन आदि कंपनियों की टेप ही वाहनों पर लगाई जाती है। लेकिन एआरटीओ कार्यालय में जो भी वाहन फिटनेस के लिए आ रहे हैं, उन पर नामी कंपनियों की डुप्लीकेट रेडियम टेप लगाई जा रही है। प्राविधिक निरीक्षक (आरआई) भी डुप्लीकेट टेप लगे वाहनों को पास कर रहे हैं। नियमानुसार किसी भी कॉमर्शियल वाहन पर आगे व्हाइट कलर, दोनों साइड पीले कलर और पीछे रेड कलर की रेडियम टेप लगानी होती है। लेकिन यहां पर नियमों और वाहनों के ग्रेड की दुहाई देकर केवल आगे और पीछे ही रेडियम टेप ही चेक की जाती है। यहां तक कि डंपर, ट्रक पर लगी डुप्लीकेट रेडियम लगाने के बाद उसे भी पास किया जा रहा है।
विज्ञापन

बिना रंग रोगन किए फिटनेस के लिए पहुंच गए विक्रम
ऋषिकेश। अमर उजाला की टीम की ओर से एआरटीओ कार्यालय में व्यवस्थाएं देखी गईं। इस दौरान लाइन में करीब 15 वाहन लगे थे। कुछ वाहनों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश वाहनों पर रात्रि सुरक्षा के नाम पर जो टेप लगी थी, वह घटिया क्वालिटी थी। कुछ वाहनों पर थ्री एम और एल्कोन की टेप ओरिजनल टेप भी लगी थी। इस लाइन में चार विक्रम ऐसे भी लगे थे, जिनमें एक तो बिना रंग रोगन किए ही लाइन में लग गया था, एक ने पेंट के नाम पर आगे-आगे हल्का पेंट किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विक्रम पर नहीं लगवाई जा रहे रिफ्लेक्टर
ऋषिकेश। शहर की सड़कों पर सैकड़ों विक्रम ऑटो चलते हैं। जिसमें अधिकांश विक्रमों की ब्रेक लाइट फ्यूज रहती है। यह विक्रम फिटनेस के लिए जब एआरटीओ कार्यालय में जाते हैं तो नियमों की दुहाई देकर इन पर रेडियम टेप नहीं लगवाई जाती। जिससे शहर की सड़कों और हाईवे पर इनसे दुर्घटना होने और खुद इनके दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है।
एआरटीओ कार्यालय में उतारी जाती है सीट
ऋषिकेश। नियमों की दुहाई देकर एआरटीओ कार्यालय में विक्रम के चालक के पास वाली सीट हटाई जाती है। यह विक्रम छह प्लस एक सीट में पास होता है। सड़कों पर चलते वक्त विक्रम चालकों की ओर से आठ सवारी पीछे और दो सवारी ड्राइवर के पास बिठाई जाती है। विभागीय प्रवर्तन टीम भी इन विक्रमों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती।
दलालों की सक्रियता फिर बढ़ी
ऋषिकेश। कुछ दिन बाद एक बार फिर एआरटीओ कार्यालय में दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। अब दलाल एआरटीओ कार्यालय में आसानी से आवाजाही कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब कुछ दलालों ने किसी परिवहन ट्रांसपोर्ट कंपनी के एजेंट का आईकार्ड हासिल कर दिए हैं। परिवहन विभाग की ओर से भी इन्हें रोका नहीं किया जा रहा है।

कोट-
परिवहन विभाग के नियमों के अरनुसार कुछ कॉमर्शियल आगे और पीछे ही रेडियम टेप लगाई जाती है। विक्रमों पर भी रेडियम टेप लगाने का प्रावधान नहीं है। बस, ट्रकों, डंपर और अन्य वाहनों पर जो रेडियम टेप लगाई जा रही है, वह ब्रांडेड कंपनी की है। जो वाहन फिटनेस का मानक पूरा नहीं करते उन्हें वापस भेजा जाता है। - अरविंद यादव, प्राविधिक निरीक्षक (आरआई)

एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस के दौरान निकाली गई विक्रम की सीट ।

एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस के दौरान निकाली गई विक्रम की सीट ।- फोटो : RISHIKESH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed