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अधर्म बढ़ने पर भगवान का प्राकट्य अवश्यंभावी
अमर उजाला ब्यूरो/ ऋषिकेश।
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:44 AM IST
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ज्ञानयज्ञ में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन
- फोटो : Demo Pic
कथावाचक पं. अनिल कृष्ण ने कहा कि आसुरी शक्तियां व अधर्म बढ़ने पर भगवान का प्राकट्य कलियुग में भी संभव है। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों के वशीभूत हैं। वह भोजन नहीं भाव के भूखे होते हैं।
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छिद्दरवाला में श्रीराम सेवा समिति और महिला कीर्तन मंडली के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के छठे दिन बृहस्पतिवार को कथावाचक ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई भक्ति से ही भगवान को प्राप्त किया जा सकता है।
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इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान बाल कृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण कराया। धार्मिक अनुष्ठान में मुकेश धनै, योगेश नवानी, दीपिका सेमवाल, वीरेंद्र नौटियाल आदि आदि मौजूद थे।
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