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सीवरेज सिस्टम न होने से गंगा हो रही मैली
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लक्कड़घाट में नमामि गंगे के अधिकारियों से वार्ता करते जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर।
- फोटो : RISHIKESH
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गंगा को निर्मल बनाने के दावे तो लाख हो रहे हैं, लेकिन असलियत यह है कि जिन क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम नहीं है, वहां की गंदगी सीधे गंगा में गिर रही है। वर्तमान में लोनिवि, बंगाली बस्ती और सरस्वती नाले को सीवर से जोड़ दिया गया है जबकि साईं घाट, शांतिनगर, सर्वहारा नगर आदि जगहों पर स्थित नालों को सीवर से जोड़ना शेष है। जिन जगहों पर ड्रेेनेज सिस्टम नहीं है वहां बरसात के दिनों में सड़क और सीवर का पानी सीधे गंगा में जा रहा है। यह जानकारी नगर आयुक्त सीएस चौहान ने जिलाधिकारी देहरादून को दी। शुक्रवार को जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर ने तीर्थनगरी मेें चल रहे नमामि गंगे और गंगा सुरक्षा के कार्यों की प्रगति पर समीक्षा की।
जिलाधिकारी देहरादून ने मुख्य नगर आयुक्त को शीघ्र ड्रेनेज सिस्टम का प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नमामि गंगे के कार्यों सीवर, वेस्ट मेनजमेंट, नाले टेपिंग आदि कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जानी। नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्तमान मेें विस्थापित क्षेत्र लक्कड़घाट में 26 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी का निर्माण कार्य जारी है। 126 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इसमें तीन पंपिंग स्टेशन, 15 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और एक 26 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाना है। बताया कि वर्तमान में ऋषिकेश के 7260 और मुनिकीरेती के 1077 घर सीवर से जुड़े हैं।
कूड़े के पहाड़ को देख हैरान रहे डीएम
जिलाधिकारी ने बैठक के बाद शहर के बीच बने अस्थाई ट्रंचिंग ग्राउंड का भी मुआयना किया। इस दौरान वे कूड़े का पहाड़ देख हैरान भी हुए। मौके पर मौजूद अफसरों से वैकल्पिक उपायों पर भी चर्चा की। इसके बाद श्यामपुर में लक्कड़घाट स्थित निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट का निरीक्षण भी किया। नगर आयुक्त ने बताया कि गोविंद नगर स्थित भूखंड पर कूड़े के अंबार को निस्तारित करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने सहमति व्यक्त की है। शासन में डीपीआर तैयार हो रहा है। टीसीएस सूखे और गीले कूड़े को अलग करने का काम करेगी। मौके पर उपजिलाधिकारी प्रेमलाल, सीवर निर्माण इकाई के सहायक अभियंता हरीश बंसल, कार्यवाहक सीएमएस विजयेश भारद्वाज, वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी, गंगा सुरक्षा समिति के सदस्य विनोद जुगलान विप्र, तहसीलदार रेखा आर्य, सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, सफाई निरीक्षक सचिन रावत आदि उपस्थित थे।
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आवारा पशुओं की गणना के दिए निर्देश
नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में समाजसेेवी विनोद जुगलान ने जिलाधिकारी के समक्ष निगम क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़े जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि तीर्थनगरी में आवारा कुत्ते और सुअर बहुतायत हो गए हैं। निगम के पास आवारा पशुओं की गणना रिपोर्ट तक नहीं है। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को पशुपालन विभाग से समन्वय कर आवारा पशुओं की गणना का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त से कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में मांस बिक्री के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं। बैठक के दौरान निगम कर्मचारियों पर सुअर पालन के भी आरोप लगे। इस पर निगम प्रशासन असमंजस की स्थिति में दिखा। मौके को भांपते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसी प्रवृत्ति पर तत्काल अंकुश लगाएं।
नदी पर अतिक्रमण करने वालों को हटाएं
चंद्रभागा नदी तट पर बसी अवैध झुग्गी झोपड़ियों को हटाने के लिए जिलाधिकारी ने एमएनए को कार्रवाई के निर्देश दिए। एमएनए सीएस चौहान ने बताया कि 350 लोगों को चंद्रभागा नदी से झुग्गी झोपड़ी हटाने के लिए नोटिस भेजा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने चंद्रभागा में अतिक्रमण करने वालों नियमानुसार हटाने के लिए कहा। सख्त लहजे में डीएम ने कहा कि 24 तक आपत्तियों की सुनवाई के बाद पहली अगस्त को कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट भेजें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कूड़ा प्रबंधन के लिए इदौर नगर निगम को पूरे देश में मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने नगर आयुक्त ऋषिकेश को भी कूड़ा निस्तारण प्लांट का अध्ययन करने के लिए टीम तय करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भी जाएं वे केवल घूमने और समय व्यतीत करने की मंशा से न जाएं। विस्तृत प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर ऋषिकेश में भी लागू करने की कोशिश मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। डीएम ने 15 सितंबर के बाद अध्ययन टीम को भेजने का फैसला किया है।
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जिलाधिकारी देहरादून ने मुख्य नगर आयुक्त को शीघ्र ड्रेनेज सिस्टम का प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नमामि गंगे के कार्यों सीवर, वेस्ट मेनजमेंट, नाले टेपिंग आदि कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जानी। नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्तमान मेें विस्थापित क्षेत्र लक्कड़घाट में 26 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी का निर्माण कार्य जारी है। 126 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इसमें तीन पंपिंग स्टेशन, 15 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और एक 26 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाना है। बताया कि वर्तमान में ऋषिकेश के 7260 और मुनिकीरेती के 1077 घर सीवर से जुड़े हैं।
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कूड़े के पहाड़ को देख हैरान रहे डीएम
जिलाधिकारी ने बैठक के बाद शहर के बीच बने अस्थाई ट्रंचिंग ग्राउंड का भी मुआयना किया। इस दौरान वे कूड़े का पहाड़ देख हैरान भी हुए। मौके पर मौजूद अफसरों से वैकल्पिक उपायों पर भी चर्चा की। इसके बाद श्यामपुर में लक्कड़घाट स्थित निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट का निरीक्षण भी किया। नगर आयुक्त ने बताया कि गोविंद नगर स्थित भूखंड पर कूड़े के अंबार को निस्तारित करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने सहमति व्यक्त की है। शासन में डीपीआर तैयार हो रहा है। टीसीएस सूखे और गीले कूड़े को अलग करने का काम करेगी। मौके पर उपजिलाधिकारी प्रेमलाल, सीवर निर्माण इकाई के सहायक अभियंता हरीश बंसल, कार्यवाहक सीएमएस विजयेश भारद्वाज, वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी, गंगा सुरक्षा समिति के सदस्य विनोद जुगलान विप्र, तहसीलदार रेखा आर्य, सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, सफाई निरीक्षक सचिन रावत आदि उपस्थित थे।
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आवारा पशुओं की गणना के दिए निर्देश
नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में समाजसेेवी विनोद जुगलान ने जिलाधिकारी के समक्ष निगम क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़े जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि तीर्थनगरी में आवारा कुत्ते और सुअर बहुतायत हो गए हैं। निगम के पास आवारा पशुओं की गणना रिपोर्ट तक नहीं है। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को पशुपालन विभाग से समन्वय कर आवारा पशुओं की गणना का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त से कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में मांस बिक्री के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं। बैठक के दौरान निगम कर्मचारियों पर सुअर पालन के भी आरोप लगे। इस पर निगम प्रशासन असमंजस की स्थिति में दिखा। मौके को भांपते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसी प्रवृत्ति पर तत्काल अंकुश लगाएं।
नदी पर अतिक्रमण करने वालों को हटाएं
चंद्रभागा नदी तट पर बसी अवैध झुग्गी झोपड़ियों को हटाने के लिए जिलाधिकारी ने एमएनए को कार्रवाई के निर्देश दिए। एमएनए सीएस चौहान ने बताया कि 350 लोगों को चंद्रभागा नदी से झुग्गी झोपड़ी हटाने के लिए नोटिस भेजा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने चंद्रभागा में अतिक्रमण करने वालों नियमानुसार हटाने के लिए कहा। सख्त लहजे में डीएम ने कहा कि 24 तक आपत्तियों की सुनवाई के बाद पहली अगस्त को कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट भेजें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कूड़ा प्रबंधन के लिए इदौर नगर निगम को पूरे देश में मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने नगर आयुक्त ऋषिकेश को भी कूड़ा निस्तारण प्लांट का अध्ययन करने के लिए टीम तय करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भी जाएं वे केवल घूमने और समय व्यतीत करने की मंशा से न जाएं। विस्तृत प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर ऋषिकेश में भी लागू करने की कोशिश मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। डीएम ने 15 सितंबर के बाद अध्ययन टीम को भेजने का फैसला किया है।