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मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर सरकारी अस्पताल में गडबड़झाला

Thu, 07 Jan 2021 12:41 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 12:41 AM IST
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Fraud in the name of medical certificate
ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर गडबड़झाला चल रहा है। अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर अस्पताल में मरीजों से शुल्क तो लिया जा रहा है, लेकिन शुल्क देने के बावजूद भी अस्पताल की ओर से उन्हें शुल्क अदा करने की कोई रसीद नहीं दी जा रही है। इससे अस्पताल में रोजाना हजारों रुपये की बंदरबांट हो रही है।
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सरकारी अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न प्रकार के मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने पड़ते हैं। इसके लिए उन्हें अस्पताल में निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। इसके बदले में अस्पताल की ओर से सर्टिफिकेट बनाने वाले को एक शुल्क की रसीद दी जाती है। सर्टिफिकेट के नाम पर जो शुल्क अदा किया जाता है, वह सरकारी खजाने में जमा होता है।
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नाम न छापने की शर्त पर सरकारी अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने आए कुछ मरीजों ने कहा कि उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस, इंस्टीट्यूट में प्रवेश आदि के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनसे 100 रुपये से लेकर 150 रुपये तक का शुल्क लिया गया, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई रसीद नहीं दी गई है।
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कोट
मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर जो शुल्क अदा किया जाता है, उसकी बकायदा एक रसीद दी जाती है। यह पैसा सरकारी खजाने में जमा होता है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एमपी सिंह, प्रभारी सीएमएस, एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश।
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