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Rishikesh News: आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व राज्यमंत्री दोषमुक्त
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16 साल पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी दुबे ने सुनाया फैसला
सोलह साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में पूर्व राज्यमंत्री मनीष नागपाल को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया है।
पूर्व राज्यमंत्री मनीष नागपाल के अधिवक्ता मनीष धीमान ने बताया कि बताया डोईवाला पुलिस ने वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव में नागपाल के खिलाफ आचार संहिता का उल्लघंन करने का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र के आधार पर मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी दुबे के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से न्यायालय में चार गवाह प्रस्तुत किए गए। अधिवक्ता मनीष धीमान ने पूर्व राज्यमंत्री की ओर से दलील प्रस्तुत की। न्यायालय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर मनीष नागपाल को दोषमुक्त कर दिया। मनीष धीमान ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मामले में ऐसा कोई ठोस सुबूत न्यायालय में दााखिल नहीं किया जिसे आचार संहिता का उल्लघंन होना साबित हो।
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सोलह साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में पूर्व राज्यमंत्री मनीष नागपाल को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया है।
पूर्व राज्यमंत्री मनीष नागपाल के अधिवक्ता मनीष धीमान ने बताया कि बताया डोईवाला पुलिस ने वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव में नागपाल के खिलाफ आचार संहिता का उल्लघंन करने का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र के आधार पर मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी दुबे के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से न्यायालय में चार गवाह प्रस्तुत किए गए। अधिवक्ता मनीष धीमान ने पूर्व राज्यमंत्री की ओर से दलील प्रस्तुत की। न्यायालय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर मनीष नागपाल को दोषमुक्त कर दिया। मनीष धीमान ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मामले में ऐसा कोई ठोस सुबूत न्यायालय में दााखिल नहीं किया जिसे आचार संहिता का उल्लघंन होना साबित हो।
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