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Rishikesh News: पेड़ कटान की आहट से सहमे वन गुर्जर

Sun, 28 Jun 2026 07:34 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 07:34 PM IST
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Forest Gujjars are scared by the sound of tree cutting.
संवाद न्यूज एजेंसी
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जौलीग्रांट। एयरपोर्ट के सामने बड़कोट वन रेंज में दशकों से जंगलों में रह रहे वन गुर्जरों ने पेड़ कटान को लेकर चारा-पत्ती की चिंता व्यक्त की है। गुर्जरों का कहना है कि पेड़ कटने से उनके सामने चारा-पत्ती की समस्या खड़ी हो सकती है।
वन गुर्जर अपने डेरों में गाय, भैंस आदि पालकर दूध बेचकर अपना गुजर-बसर करते हैं। मार्ग चौड़ीकरण के कारण गुर्जरों को चिंता है कि कहीं पेड़ कटने से उनके मवेशियों के सामने चारा-पत्ती का संकट न खड़ा हो जाए। उन्होंने इस संबंध में कुछ समय पहले सूचना अधिकार के अंतर्गत कुछ सूचनाएं मांगी थी।
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वन गुर्जरों का आरोप है कि बड़कोट वन रेंज के अधिकारियों ने उन्हें गोल-मोल अधूरी सूचना दी हैं। पेड़ों के कटान से पहले वन अधिकारियों ने उन्हें इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी है, जिससे दशकों से बड़कोट के जंगलों में रह रहे वन गुर्जर परेशान हैं।
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वन गुर्जर गुलाम, नूरदीन, सरतार, अमीर हमजा, फारूख, मुस्तफा, अहमद अली, बसीर आदि ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जारी परमिट के आधार पर कई वन गुर्जर बड़कोट रेंज में दशकों से रहते हैं। जो गाय, भैंस पालकर अपना गुजर-बसर करते हैं।

पेड़ कटान से उनके चारा-पत्ती पर असर पड़ सकता है। बड़कोट रेंजर गणेश उनियाल ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार ही पेड़ काटे जा रहे हैं। गुर्जरों के डेरे पेड़ काटे जाने वाले स्थान से काफी दूर हैं, जिसमें वन गुर्जरों को परेशान नहीं होना चाहिए।
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