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पशुलोक में शिफ्ट होगा विदेशी पशु प्रजनन केंद्र भराड़ीसैंण
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विदेशी पशु प्रजनन केंद्र भराड़ीसैंण, यहां पशुलोक में शिफ्ट होगा। इसके लिए शासन की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि भराड़ीसैंण विधानसभा के विस्तार के लिए इस केंद्र को पशुलोक ऋषिकेश शिफ्ट किया जा रहा है। अधिकांश स्टाफ को दूसरे विभागों से संबद्ध कर दिया गया है।
15 नवंबर 1979 को भराड़ीसैंण में विदेशी पशु प्रजनन केंद्र की स्थापना की गई थी। इस केंद्र का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराना, दूध का उत्पादन बढ़ाना था। जिससे आसपास के लोगों की आर्थिक स्थिति सही हो सके। इस केंद्र की स्थापना के बाद तब डेनमार्क से जर्सी गाय और सांड़ मंगाए गए थे। केंद्र के गठन के बाद कुछ सालों तक अच्छा परिणाम मिलता रहा।
राज्य के गठन के बाद इस केंद्र की सुध न लेने के कारण यहां की स्थिति और खराब होती चली गई। 398 एकड़ क्षेत्रफल में बने इस केंद्र में कार्यालय, कर्मचारियों के निवास और दो बड़ी गौशाला बनाई गई थी। वर्तमान में यहां पर 87 गाय और एक छोटा नंदी है। यहां एक प्रोजेक्ट निदेशक, एक विशेषज्ञ चिकित्सक, दो पशुधन प्रसार अधिकारी, आठ पशुुधन सहायक, एक इलेक्ट्रीशियन, एक वरिष्ठ सहायक, एक डेयरी इंचार्ज तैनात हैं। अधिकांश स्टाफ को दूसरे विभागों से संबद्ध कर दिया गया है।
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भराड़ीसैंण स्थित विदेशी पशु प्रजनन केंद्र को पशुलोक ऋषिकेश में शिफ्ट किया जा रहा है। सभी औपचारिकता पूरी कर दी गई हैं। आदेश मिलने पर जल्द ही फार्म के मवेशियों को भी पशुलोक शिफ्ट किया जाएगा।
- डॉ. एके अग्रवाल, विशेषज्ञ चिकित्सक, विदेशी पशु प्रजनन केंद्र भराड़ीसैंण
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15 नवंबर 1979 को भराड़ीसैंण में विदेशी पशु प्रजनन केंद्र की स्थापना की गई थी। इस केंद्र का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराना, दूध का उत्पादन बढ़ाना था। जिससे आसपास के लोगों की आर्थिक स्थिति सही हो सके। इस केंद्र की स्थापना के बाद तब डेनमार्क से जर्सी गाय और सांड़ मंगाए गए थे। केंद्र के गठन के बाद कुछ सालों तक अच्छा परिणाम मिलता रहा।
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राज्य के गठन के बाद इस केंद्र की सुध न लेने के कारण यहां की स्थिति और खराब होती चली गई। 398 एकड़ क्षेत्रफल में बने इस केंद्र में कार्यालय, कर्मचारियों के निवास और दो बड़ी गौशाला बनाई गई थी। वर्तमान में यहां पर 87 गाय और एक छोटा नंदी है। यहां एक प्रोजेक्ट निदेशक, एक विशेषज्ञ चिकित्सक, दो पशुधन प्रसार अधिकारी, आठ पशुुधन सहायक, एक इलेक्ट्रीशियन, एक वरिष्ठ सहायक, एक डेयरी इंचार्ज तैनात हैं। अधिकांश स्टाफ को दूसरे विभागों से संबद्ध कर दिया गया है।
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भराड़ीसैंण स्थित विदेशी पशु प्रजनन केंद्र को पशुलोक ऋषिकेश में शिफ्ट किया जा रहा है। सभी औपचारिकता पूरी कर दी गई हैं। आदेश मिलने पर जल्द ही फार्म के मवेशियों को भी पशुलोक शिफ्ट किया जाएगा।
- डॉ. एके अग्रवाल, विशेषज्ञ चिकित्सक, विदेशी पशु प्रजनन केंद्र भराड़ीसैंण