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खांड गांव में टस्कर का उत्पात
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश/रायवाला।
Updated Sun, 22 Jan 2017 12:39 AM IST
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elephant
- फोटो : AmarUjala
बीती रात जंगली हाथी ने खांडगांव में खूब उत्पात मचाया। हाथी ने गेहूं और चारे की फसल तहस-नहस कर दी। इसके पहले हाथियों की वजह से कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इसके बावजूद पार्क प्रशासन जंगली हाथी को रोकने मेें नाकाम साबित हो रहा है।
राजाजी टाईगर रिजर्व की सीमा से निकलकर आने वाले टस्कर ने खांडगांव के किसानों की नींद उड़ा दी है। टस्कर अक्सर खेतों में पहुंचकर फसलें चट कर देता है। ऐसे में किसान भीषण ठंड वाली रातें खेतों में गुजारने को मजबूर हैं। शुक्रवार की रात टस्कर ने सुरेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह नेगी, पदम सिंह, कपूर सिंह, नत्थी धनै के खेत में घुसकर गेहूं की फसल रौंद डाली।
ग्रामीणों ने फसली नुकसान के अलावा जंगली जानवरों से जानमाल के खतरे की आशंका जताते हुए पार्क प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि गश्तीदल रात को भी क्षेत्र में तैनात रहता है, लेकिन हाथी अलग-अलग रास्ते बदलकर खेतों तक पहुंच रहा है। नुकसान के मुआवजे के लिए प्रभावित काश्तकारों को कार्यालय में आकर प्रार्थना पत्र जमा करना चाहिए।
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राजाजी टाईगर रिजर्व की सीमा से निकलकर आने वाले टस्कर ने खांडगांव के किसानों की नींद उड़ा दी है। टस्कर अक्सर खेतों में पहुंचकर फसलें चट कर देता है। ऐसे में किसान भीषण ठंड वाली रातें खेतों में गुजारने को मजबूर हैं। शुक्रवार की रात टस्कर ने सुरेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह नेगी, पदम सिंह, कपूर सिंह, नत्थी धनै के खेत में घुसकर गेहूं की फसल रौंद डाली।
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ग्रामीणों ने फसली नुकसान के अलावा जंगली जानवरों से जानमाल के खतरे की आशंका जताते हुए पार्क प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि गश्तीदल रात को भी क्षेत्र में तैनात रहता है, लेकिन हाथी अलग-अलग रास्ते बदलकर खेतों तक पहुंच रहा है। नुकसान के मुआवजे के लिए प्रभावित काश्तकारों को कार्यालय में आकर प्रार्थना पत्र जमा करना चाहिए।
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