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Rishikesh News: बिना हेडलाइट रात में दौड़ रहे ई-रिक्शा, हादसों का बढ़ा खतरा
Mon, 03 Aug 2026 06:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 03 Aug 2026 06:07 PM IST
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- शहर में एक हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित, शिकायतों के बाद भी प्रवर्तन कार्रवाई नहीं
- राहगीराें के लिए परेशानी का सबब बन रहे ई-रिक्शा
- बिना हेड लाइट के चल रहे ई-रिक्शाओं पर परिवहन विभाग का नियंत्रण नहीं
ऋषिकेश। रात के समय बिना हेडलाइट के दौड़ रहे ई-रिक्शा यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। शिकायतों के बावजूद परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
एआरटीओ कार्यालय में वर्तमान में करीब 1525 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से एक हजार से अधिक का संचालन हो रहा है। रात के समय राष्ट्रीय राजमार्ग, देहरादून रोड, बाईपास मार्ग और इंद्रमणि बडोनी चौक से ढालवाला तक कई ई-रिक्शा बिना हेडलाइट के चलते नजर आ रहे हैं। बिना रोशनी के चल रहे ई-रिक्शा अन्य वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे टक्कर की आशंका बनी रहती है। कई बार ऐसे ई-रिक्शा दोपहिया वाहनों से भी टकरा चुके हैं। वर्तमान में कांवड़ यात्रा के चलते सड़क पर बढ़ी भीड़ को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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केवल हेलमेट पर फोकस, बाकी से किनारा
प्रवर्तन टीम की ओर से केवल बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों का ही चालान काटा जाता है। जबकि नियम विरुद्ध संचालित हो रहे ई-रिक्शा, निर्धारित संख्या से अधिक सवारी बैठाने वाले ई-ऑटो चालक, बिना पंजीकरण के संचालित हो रही ट्रैक्टर टॉलियां, अल्टरेशन के नाम पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। विभाग के पास एआरटीओ के अलावा, इंटरसेप्टर वाहन और चार बाइक स्क्वाइड टीम होने से बाद भी आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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कोट-
परिवहन विभाग की ओर से नियम विरुद्ध संचालित होने वाले ई-रिक्शाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यदि ई-रिक्शा रात को बिना हेड लाइट जलाए संचालित हो रहे हैं तो उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।-- रश्मि पंत, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश।
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- राहगीराें के लिए परेशानी का सबब बन रहे ई-रिक्शा
- बिना हेड लाइट के चल रहे ई-रिक्शाओं पर परिवहन विभाग का नियंत्रण नहीं
ऋषिकेश। रात के समय बिना हेडलाइट के दौड़ रहे ई-रिक्शा यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। शिकायतों के बावजूद परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
एआरटीओ कार्यालय में वर्तमान में करीब 1525 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से एक हजार से अधिक का संचालन हो रहा है। रात के समय राष्ट्रीय राजमार्ग, देहरादून रोड, बाईपास मार्ग और इंद्रमणि बडोनी चौक से ढालवाला तक कई ई-रिक्शा बिना हेडलाइट के चलते नजर आ रहे हैं। बिना रोशनी के चल रहे ई-रिक्शा अन्य वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे टक्कर की आशंका बनी रहती है। कई बार ऐसे ई-रिक्शा दोपहिया वाहनों से भी टकरा चुके हैं। वर्तमान में कांवड़ यात्रा के चलते सड़क पर बढ़ी भीड़ को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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केवल हेलमेट पर फोकस, बाकी से किनारा
प्रवर्तन टीम की ओर से केवल बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों का ही चालान काटा जाता है। जबकि नियम विरुद्ध संचालित हो रहे ई-रिक्शा, निर्धारित संख्या से अधिक सवारी बैठाने वाले ई-ऑटो चालक, बिना पंजीकरण के संचालित हो रही ट्रैक्टर टॉलियां, अल्टरेशन के नाम पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। विभाग के पास एआरटीओ के अलावा, इंटरसेप्टर वाहन और चार बाइक स्क्वाइड टीम होने से बाद भी आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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कोट-
परिवहन विभाग की ओर से नियम विरुद्ध संचालित होने वाले ई-रिक्शाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यदि ई-रिक्शा रात को बिना हेड लाइट जलाए संचालित हो रहे हैं तो उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।