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शिक्षण संस्थानों के इर्दगिर्द फैल रहा नशे का मकड़जाल : नेहा

Sat, 21 Dec 2019 01:03 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 01:03 AM IST
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Drug addiction spreading around educational institutions: Neha
भारतीय नारी स्वाभिमान ट्रस्ट के वार्षिकोत्सव में उपस्थित महिलाएं। - फोटो : RISHIKESH
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शिक्षण संस्थानों के इर्दगिर्द फैल रहा नशे का मकड़जाल : नेहा
-श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में सिविल जज सीनियर डिविजन नेहा कुशवाहा ने साझा की कानूनी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। समाज में नशा, ड्रग्स, नारी उत्पीड़न की समस्याएं तेजी बढ़ रही हैं। इसमें खासकर विद्यालयों को नशे का केंद्र बनाया जाता है। विद्यालयों के इर्द गिर्द नशे के कारोबारी अपना जाल बिछाते हैं जो भोले भाले बच्चों को पहले फ्री में नशा देते हैं। जब छात्रों को नशे की लत लग जाती है तो कारोबारी खासकर लड़कियों को जिस्मफरोशी के धंधों में धकेल देते हैं। लड़कों को नशे के लिए चोरी लूटपाट जैसी घटनाएं करने के लिए प्रेरित करते हैं। हम सब की यह जिम्मेदारी होनी है कि वह अपने बच्चों और समाज के किशोरों के ऊपर खास नजर रखें।
यह बातें सिविल जज सीनियर डिविजन नेहा कुशवाहा ने शुक्रवार को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में भारतीय नारी स्वाभिमान ट्रस्ट हेल्पलाइन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहीं। नेहा कुशवाहा ने कहा कि खासकर बच्चों और महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी आवश्यक है। जब कोई भी अपराध होता है तो उसके लिए सबसे पहले एफआईआर दर्ज कराई जाती है। एफआईआर दर्ज न होने की स्थिति में दूसरा विकल्प है कि कोर्ट के माध्यम से पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करवाने के आदेश पारित करवाएं। तीसरे विकल्प में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सीधे कोर्ट में जा सकते हैं। महिलाओं और बच्चों को प्राधिकरण केस लड़ने के लिए निशुल्क अधिवक्ता देता है। उन्होंने कहा कि रेप अपराध की श्रेणी में तो आता ही है इसके अलावा बिना अनुमति छूना, घूरना, रास्ता रोकना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
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इस मौके पर वक्ता के रूप में मौजूद आचार्य पंकज ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से पहले संस्कारों से अवगत कराना चाहिए। बिना संस्कार शिक्षा महत्वहीन है। यदि बच्चे संस्कारी होंगे तो कानून की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को कानून की जानकारी देना अच्छी बात है, लेकिन बेहद बारीकी से अध्ययन भी करना चाहिए कि कहीं वे धाराओं और अनुच्छेदों के चक्कर में आंतरिक भय का शिकार तो नहीं हो रहे हैं। ऐसे हालात में उज्ज्वल भविष्य का सपना संजो रहे बच्चों का व्यक्तित्व खोखला होने का खतरा भी रहता है। इस अवसर पर दीप्तानंद महाराज, कविता नागपाल गांधी, डॉ. रितु प्रसाद, दिवाकर भानुप्रताप सिंह रावत, डॉ. विनीता पुरी, राजीव थपलियाल, कृष्णा जयेंद्र रमोला, पार्षद लक्ष्मी रावत, किमी मदान, सीमा खुराना, अंशु आहुजा, डॉ. रश्मि वर्मा, शशि शर्मा, रुचि रुचिरा, दीपा पाल, आरती शर्मा, सीमा रानी, संगीता सागर, प्रतिभा चौधरी, सिमरन गाबा, राजेश रानी, ज्योति अंथवाल, बीना दीप शर्मा, सीमा कोठारी, बीना चौहान, उपेंद्र कोर, मंजू जाटव, गीता बेदी, रंजना कुकरेजा, डॉ. फूल सिंह चौधरी, राजीव आहूजा, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, विवेक तिवारी, शिवमोहन मिश्रा, पंकज गुप्ता, कपिल गुप्ता, प्रवीण रावत आदि मौजूद रहे।
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नारी को स्वाभिमान के शिखर पर पहुंचाना ही संस्था का लक्ष्य : मुकेश चौधरी
ऋषिकेश। इस दौरान संस्था की ओर से रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। रक्तदान कर नेहा कुशवाहा ने कहा कि इस महादान में महिलाओं को कभी भी पीछे नहीं रहना चाहिए। ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश चौधरी ने कहा कि संस्था का लक्ष्य नारी को स्वाभिमान के शिखर पर पहुंचाना है। महिलाओं की हर समस्या के समाधान को ट्रस्ट हमेशा तत्पर है। ट्रस्ट की प्रदेश अध्यक्ष सीमा मिश्रा ने कहा कि नारी स्वाभिमान ट्रस्ट पारिवारिक झगड़े, नारी उत्पीड़न, नारी सुरक्षा के साथ ही निर्धन असहाय बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य कर रहा है। भीख नहीं शिक्षा दो के नारे पर कार्य किया जा रहा है।
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