फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Do self-sacrificing friendship

स्वार्थ की मित्रता का त्याग करो

Fri, 10 Feb 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश।
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश। Updated Fri, 10 Feb 2017 12:25 AM IST
विज्ञापन
Do self-sacrificing friendship
हरिद्वार रोड स्थित बहत्तर सीढी के समीप आयोजित श्रीमद भागवत कथा में उमड़ी भीड़। - फोटो : amar ujala

हरिद्वार रोड स्थित बहत्तर सीढ़ी के समीप श्री शिवशंकर तीर्थ यात्रा समिति की पहल पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथावाचक आचार्य रमेश चंद शास्त्री ने भक्तों को श्रीकृष्ण सेवा और सुदामा की मित्रता की कथा सुनाई।   

विज्ञापन


 
आचार्य रमेश चंद शास्त्री ने कहा कि पांडवों के राजसूय यज्ञ में द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण ने सेवा का दायित्व लिया। उन्होंने यज्ञ में आए ऋषि मुनियों के चरण धोए और उनके जूठे पत्तल उठाए। उन्होंने संसार के सभी मनुष्यों को शिक्षा दी और बताया कि मनुष्य चाहे कितना भी बड़ा हो, सेवा के बिना वह पूर्ण नहीं होता।
विज्ञापन


निस्वार्थ भाव से की गई सेवा से बढ़कर संसार में कोई भी धर्म नहीं है। मनुष्य को स्वार्थ की मित्रता का त्याग करना चाहिए। जो मित्र विपत्ति और दुख में साथ निभाए ऐसे मित्र का परित्याग नहीं करना चाहिए। यही सच्चे मित्र के लक्षण होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अवसर पर भगवानदास अग्रवाल, लक्ष्मी देवी, देवब्रत, काजल, पुष्पेंद्र, कविता, लक्ष्मी नारायण, संजय, रविंद्र, नरेंद्र, अशोक कुमार, शांति प्रसाद बेलवाल, राकेश चंद्र आदि उपस्थित रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed