{"_id":"6ad386d20e750e05d20303f3","slug":"develop-an-effective-action-plan-to-secure-the-future-of-needy-children-in-muni-ki-reti-dm-rishikesh-news-c-38-1-rks1008-147794-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुनि की रेती में जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं: डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुनि की रेती में जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं: डीएम
Sat, 17 Oct 2026 08:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 17 Oct 2026 08:36 PM IST
विज्ञापन
-डीएम नितिका खंडेलवाल ने स्पॉन्सरशिप और स्ट्रीट चिल्ड्रन योजना की समीक्षा की, बच्चों को शिक्षा, परामर्श और कौशल विकास से जोड़ने के निर्देश
- जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास के लिए मुनि की रेती में चिह्नित होगी सरकारी संपत्ति
ढालवाला। जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, शिक्षा से जोड़ने और सुरक्षित भविष्य देने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की स्पॉन्सरशिप योजना और स्ट्रीट चिल्ड्रन योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क पर रहने वाले, बाल भिक्षावृत्ति में संलिप्त, कूड़ा बीनने वाले, बाल श्रम करने वाले और विशेष देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास पर चर्चा की गई। डीएम ने मुनि की रेती क्षेत्र के घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम नरेंद्र नगर आशीष चंद्र घिल्डियाल को बच्चों के लिए उपयुक्त सरकारी संपत्ति चिह्नित करने को कहा।
डीएम नितिका खंडेलवाल ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण अपने बचपन और शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुनि की रेती क्षेत्र के घाटों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर छोटे-मोटे कार्य करने वाले तथा कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उनके पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बच्चों के लिए शिक्षा और कौशल विकास की होगी व्यवस्था
डीएम ने एसडीएम नरेंद्र नगर आशीष चंद्र घिल्डियाल को मुनि की रेती क्षेत्र में उपयुक्त सरकारी संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित स्थान पर जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास और अन्य रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अवसर प्रदान करना है।
विज्ञापन
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आइशा, बाल कल्याण समिति टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष ऋषि कुमार और सुखदेव बहुगुणा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
- जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास के लिए मुनि की रेती में चिह्नित होगी सरकारी संपत्ति
ढालवाला। जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, शिक्षा से जोड़ने और सुरक्षित भविष्य देने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की स्पॉन्सरशिप योजना और स्ट्रीट चिल्ड्रन योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क पर रहने वाले, बाल भिक्षावृत्ति में संलिप्त, कूड़ा बीनने वाले, बाल श्रम करने वाले और विशेष देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास पर चर्चा की गई। डीएम ने मुनि की रेती क्षेत्र के घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम नरेंद्र नगर आशीष चंद्र घिल्डियाल को बच्चों के लिए उपयुक्त सरकारी संपत्ति चिह्नित करने को कहा।
डीएम नितिका खंडेलवाल ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण अपने बचपन और शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुनि की रेती क्षेत्र के घाटों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर छोटे-मोटे कार्य करने वाले तथा कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उनके पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
विज्ञापन
बच्चों के लिए शिक्षा और कौशल विकास की होगी व्यवस्था
डीएम ने एसडीएम नरेंद्र नगर आशीष चंद्र घिल्डियाल को मुनि की रेती क्षेत्र में उपयुक्त सरकारी संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित स्थान पर जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास और अन्य रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अवसर प्रदान करना है।
विज्ञापन
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आइशा, बाल कल्याण समिति टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष ऋषि कुमार और सुखदेव बहुगुणा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।