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नौ महीने पहले भंग हो जाना चाहिए था देवस्थानम बोर्ड: विनोद शुक्ला

Wed, 01 Dec 2021 11:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:02 AM IST
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Devasthanam Board should have been dissolved nine months ago: Vinod Shukla
ऋषिकेश। चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के उपाध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार को करीब नौ माह पहले देवस्थानम बोर्ड को भंग कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहितों हक-हकूकधारियों के संघर्ष के परिणाम स्वरूप ही देवस्थानम बोर्ड को भंग हुआ।
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ऋषिकेेश के भगवान आश्रम में प्रेस वार्ता में विनोद शुक्ला ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग होने से तीर्थ पुरोहितों में खुशी की लहर है। देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर चारों धामों के पंडा पुरोहित हक-हकूकधारी दो साल से आंदोलन कर रहे थे। लेकिन तत्कालीन सरकार ने पंडा पुरोहितों की पीड़ा को नहीं समझा। जब 10 मार्च 2021 को तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, तब तीर्थ पुरोहितों ने उनसे मिलकर बोर्ड को भंग करने की मांग की थी, बोर्ड को तब ही (नौ महीने पहले) भंग कर देना चाहिए था। सरकार तीर्थ पुरोहितों की सब्र की परीक्षा लेती रही। जब तक इस अधिनियम को विधानसभा में वापस लेने का शासनादेश जारी नहीं होता तब तक पंडा पुरोहित आंदोलन करते रहेंगे। कुबेरनाथ पोश्ती ने कहा कि यह जीत सभी संस्थाओं की जीत है। इस अवसर पर कीर्तेश्वर कपरुवाण आदि थे।
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