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Rishikesh News: चयनित भूमि का आज निरीक्षण करेंगे अधिकारी
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Iराप्रावि और राउमावि घट्टूगाड को दस वर्ष पहले भूस्खलन से हुआ था नुकसानI
यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घट्टूगाड पानी प्याऊ के लिए विभागीय अधिकारी 19 सितंबर को चयनित भूमि का निरीक्षण करेंगे। यमकेश्वर एसडीएम चतर सिंह चौहान ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए आदेशित किया है।
गौरतलब है कि अगस्त 2014 में आपदा के कारण हेंवलनदी ने रौद्र रूप धारण कर दिया था। नदी के कटाव में हेंवलघाटी क्षेत्र भूस्खलन की जद में आ गया था। इस भूस्खलन में राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घट्टूगाड पानी प्याऊ भी आ गया था।
करीब दस वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इस विद्यालय में छात्र-छात्राएं खतरे की जद में पढ़ाई कर रहे हैं। कई बार ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय को अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की थी। इसके लिए ग्रामीणों ने प्रशासन को भूमि भी उपलब्ध करवा दी थी।
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बरसात के दौरान विद्यालय घट्टूगाड के रत्तापानी में किराये के भवनों में संचालित होता है। लंबे समय बाद प्रशासन हरकत में आया है। एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को मराल गांव के घट्टूगाड में नॉन जेड भूमि का स्थलीय निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम चतर सिंह चौहान ने बताया कि इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें खंड शिक्षाधिकारी यमकेश्वर, ग्रामीण निर्माण विभाग कोटद्वार के सहायक अभियंता, गोहरी रेंज अधिकारी, राजस्व निरीक्षक लक्ष्मणझूला, राजस्व उपनिरीक्षक पट्टी उदयपुर तल्ला शामिल हैं। 19 सितंबर को गठित टीम भूमि का निरीक्षण करेगी, उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
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यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घट्टूगाड पानी प्याऊ के लिए विभागीय अधिकारी 19 सितंबर को चयनित भूमि का निरीक्षण करेंगे। यमकेश्वर एसडीएम चतर सिंह चौहान ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए आदेशित किया है।
गौरतलब है कि अगस्त 2014 में आपदा के कारण हेंवलनदी ने रौद्र रूप धारण कर दिया था। नदी के कटाव में हेंवलघाटी क्षेत्र भूस्खलन की जद में आ गया था। इस भूस्खलन में राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घट्टूगाड पानी प्याऊ भी आ गया था।
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करीब दस वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इस विद्यालय में छात्र-छात्राएं खतरे की जद में पढ़ाई कर रहे हैं। कई बार ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय को अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की थी। इसके लिए ग्रामीणों ने प्रशासन को भूमि भी उपलब्ध करवा दी थी।
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बरसात के दौरान विद्यालय घट्टूगाड के रत्तापानी में किराये के भवनों में संचालित होता है। लंबे समय बाद प्रशासन हरकत में आया है। एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को मराल गांव के घट्टूगाड में नॉन जेड भूमि का स्थलीय निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम चतर सिंह चौहान ने बताया कि इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें खंड शिक्षाधिकारी यमकेश्वर, ग्रामीण निर्माण विभाग कोटद्वार के सहायक अभियंता, गोहरी रेंज अधिकारी, राजस्व निरीक्षक लक्ष्मणझूला, राजस्व उपनिरीक्षक पट्टी उदयपुर तल्ला शामिल हैं। 19 सितंबर को गठित टीम भूमि का निरीक्षण करेगी, उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।