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Rishikesh News: पौराणिक मणिकूट परिक्रमा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Tue, 11 Mar 2025 01:28 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 11 Mar 2025 01:28 AM IST
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पौराणिक मणिकूट परिक्रमा यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यात्रा पांडु गुफा की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई। बारह सिद्ध द्वारों की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का विधिवत समापन किया गया।
सोमवार को लक्ष्मणझूला डीएम कैंप कार्यालय के समीप पांडु गुफा में आत्मकुटीर आश्रम के संत राही बाबा के सानिध्य में मणिकूट परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ प्रथम द्वार की पूजा के साथ की गई। इस दौरान वाद्य यंत्रों के साथ वैदिक मंत्रों से पूजा-अर्चना की गई।
श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा में बारह द्वारों पर हुनमान, भगवान विष्णु, गरुड़, गुरु वृहस्पति, 64 योगिनी, माता काली, बाल कुंवारी माता, माता भुवनेश्वरी व उनकी सहयोगी शक्तियां माता कूष्मांडा, माता विध्यवासिनी, भगवान शिव के गण नंदी, वीरभद्र महादेव, भगवान गणेश, शिव के प्रधान गणों की पूजा की गई।
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संत राही बाबा ने बताया कि तीर्थनगरी में गंगा की बायी ओर स्थित मणिकूट पर्वत का आदिकाल से ही धार्मिक महत्व रहा है। भगवान शिव का प्राचीन नीलकंठ मंदिर भी इसी मणिकूट पर्वत पर स्थित है। इस पर्वत की तलहटी में आकर मां गंगा का वेग भी धीमा पड़ जाता है।
मान्यता है कि इस तपोभूमि में ध्यान व समाधि में लीन ऋषि-मुनियों के तप में गंगा का कोलाहल कोई खलल न डाले, इसलिए मां गंगा यहां आकर अपने वेग को शांत कर देती हैं। इस मौके पर सूर्य प्रभानंद गिरी, मुकेश रस्तोगी, मुकेश अग्रवाल, टोनी, रवि शर्मा, हितेश रस्तोगी, सुशील सकलानी आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को लक्ष्मणझूला डीएम कैंप कार्यालय के समीप पांडु गुफा में आत्मकुटीर आश्रम के संत राही बाबा के सानिध्य में मणिकूट परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ प्रथम द्वार की पूजा के साथ की गई। इस दौरान वाद्य यंत्रों के साथ वैदिक मंत्रों से पूजा-अर्चना की गई।
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श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा में बारह द्वारों पर हुनमान, भगवान विष्णु, गरुड़, गुरु वृहस्पति, 64 योगिनी, माता काली, बाल कुंवारी माता, माता भुवनेश्वरी व उनकी सहयोगी शक्तियां माता कूष्मांडा, माता विध्यवासिनी, भगवान शिव के गण नंदी, वीरभद्र महादेव, भगवान गणेश, शिव के प्रधान गणों की पूजा की गई।
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संत राही बाबा ने बताया कि तीर्थनगरी में गंगा की बायी ओर स्थित मणिकूट पर्वत का आदिकाल से ही धार्मिक महत्व रहा है। भगवान शिव का प्राचीन नीलकंठ मंदिर भी इसी मणिकूट पर्वत पर स्थित है। इस पर्वत की तलहटी में आकर मां गंगा का वेग भी धीमा पड़ जाता है।
मान्यता है कि इस तपोभूमि में ध्यान व समाधि में लीन ऋषि-मुनियों के तप में गंगा का कोलाहल कोई खलल न डाले, इसलिए मां गंगा यहां आकर अपने वेग को शांत कर देती हैं। इस मौके पर सूर्य प्रभानंद गिरी, मुकेश रस्तोगी, मुकेश अग्रवाल, टोनी, रवि शर्मा, हितेश रस्तोगी, सुशील सकलानी आदि मौजूद रहे।