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पैसा हो तब बने जैविक शौचालय
अमर उजाला/ ऋषिकेश।
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:38 AM IST
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गंगा एक्शन परिवार परमार्थ निकेतन की पहल पर संयुक्त यात्रा बस अड्डा, रेलवे परिसर और दून रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जैविक शौचालयों का निर्माण कार्य विवादों में फंस गया है। भारतीय हैवी इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीएचईएल) और फेडरेशन ऑफ इंडिया चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री (फिक्की) के बीच चल रहे वित्तीय संकट के कारण लोगों का जैविक शौचालय का सपना, सपना बनकर ही रह गया है। कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य अधूरा छोड़ गायब हो गई है।
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जनवरी 2015 में संयुक्त यात्रा बस अड्डा परिसर, रेलवे रोड परिसर और बालिका इंटर कॉलेज परिसर में परमार्थ निकेतन आश्रम की पहल पर जैविक शौचालयों का निर्माण कार्य हुआ था। वित्तीय संकट होने के कारण कार्यदायी संस्था फिक्की डेढ़ वर्ष बाद भी शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सकी। शौचालयों के समीप कार्यदायी संस्था ने पूर्व में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे थे। जो दुर्घटना का कारण बने हुए हैं। बस अड्डा परिसर के समीप निर्माणाधीन शौचालय के बराबर से होकर आम रास्ता गुजरता है। जहां दुर्घटना की हमेशा आशंका बनी रहती है। गंगा एक्शन परिवार परमार्थ निकेतन अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने जैविक शौचालयों के अधूरे निर्माण पर चिंता जताते हुए कहा कि वे इस बारे में बीइचईएल और फिक्की संस्था के अधिकारियों से बात करेंगे। यदि बीइचईएल और फिक्की निर्माण पूरा नहीं करती है तो गंगा एक्शन परिवार परमार्थ निकेतन इस काम को पूरा करेगा।
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जैविक शौचालयों के लिए बीएचईएल से वित्तीय मदद मिलनी थी। दिसंबर 2015 से उन्होंने धनराशि नहीं दी है, जिसके कारण शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। बीएचईएल से इस बारे में बात हो रही है। यदि वह धनराशि स्वीकृत नहीं करते तो फिक्की अपने पैसों से आधा-अधूरे पड़े शौचालयों का निर्माण करेगी।
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- राकेश सुध-प्रबंधक, फिक्की।