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गंगा किनारे 150 अवैध कैंपों को उखाड़ा
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गंगा से 200 मीटर तक निर्माण कार्यों पर रोक के बावजूद अस्थाई अतिक्रमण जारी है। यहां गंगा नदी से मात्र 70 से 100 मीटर के दायरे में कैंप संचालकों ने अवैध तंबू गाड़कर कब्जे किए हुए हैं। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार पावकी देवी की मौजूदगी में ऐसे करीब 150 कैंपों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें उखाड़ा गया।
थानाध्यक्ष मुनिकीरेेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि एनजीटी के सख्त निर्देश के बावजूद कैंप संचालक बाज नहीं आ रहे हैं। कैंप संचालक अस्थाई रूप से गंगा से मात्र 70 से 100 मीटर के दायरे में ही तंबू गाड़कर कैंप का संचालन कर रहे हैं। इन्हें यहां पक्के शौचालय और रसोई घर भी बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई की गई। करीब 150 कैंपों को उखाड़ा गया है, जबकि पक्के शौचालय और रसोई घरों को भी तोड़ा गया है, जिससे यह भविष्य में दोबारा यहां अतिक्रमण न कर सके। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान अधिकांश कैंप खाली थे। जिन कैंपों में टूरिस्ट थे, उन्हें अभी नहीं उखाड़ा गया है। इस दौरान वरिष्ठ उप निरीक्षक संजीत कुमार भी मौजूद रहे।
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थानाध्यक्ष मुनिकीरेेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि एनजीटी के सख्त निर्देश के बावजूद कैंप संचालक बाज नहीं आ रहे हैं। कैंप संचालक अस्थाई रूप से गंगा से मात्र 70 से 100 मीटर के दायरे में ही तंबू गाड़कर कैंप का संचालन कर रहे हैं। इन्हें यहां पक्के शौचालय और रसोई घर भी बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई की गई। करीब 150 कैंपों को उखाड़ा गया है, जबकि पक्के शौचालय और रसोई घरों को भी तोड़ा गया है, जिससे यह भविष्य में दोबारा यहां अतिक्रमण न कर सके। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान अधिकांश कैंप खाली थे। जिन कैंपों में टूरिस्ट थे, उन्हें अभी नहीं उखाड़ा गया है। इस दौरान वरिष्ठ उप निरीक्षक संजीत कुमार भी मौजूद रहे।
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