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Rishikesh News: बीस से पच्चीस दिन में विद्युत बिल आने से उपभोक्ता हुए परेशान
Mon, 14 Sep 2026 08:09 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 14 Sep 2026 08:09 PM IST
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बीस से पच्चीस दिन में विद्युत बिल आने से उपभोक्ता हुए परेशान
जौलीग्रांट। ऊर्जा निगम की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि ऊर्जा निगम एक माह के स्थान पर बीस से पच्चीस दिन में ही लोगों को बिजली का बिल भेज रहा है जिससे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ वर्ष पहले तक उपभोक्ताओं को दो माह में बिल भेजे जाते थे। उसके बाद निगम की ओर से एक माह के भीतर ही उपभोक्ताओं को बिजली के बिल भेजे जाने लगे हैं जिसका लोगों ने विरोध भी किया था। ऐसे में अब बीस से पच्चीस दिनों के भीतर ही बिजली के बिल उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता का आरोप है कि बिजली का बिल आने के कुछ दिन बाद ही अपना बिल जमा कराते हैं। बिल जमा कराते ही कुछ दिन बाद उन्हें दूसरा बिल थमाया जा रहा है जिससे असमंजस में पड़ जाते हैं कि नया बिल कौन से महीने का आया है।
कुछ वर्ष पहले तक दो महीनों में उपभोक्ताओं को बिजली के बिल भेजे जाते थे। तब विद्युत यूनिट भी काफी सस्ती होती थी। धीरे-धीरे विद्युत दरों में वृद्धि होती रही। जिससे अब बिजली के बिल काफी भारी भरकम आने लगे हैं। वहीं उपभोक्ताओं की खपत भी काफी बढ़ गई है। कांग्रेस नेता और उपभोक्ता जितेंद्र बिष्ट ने कहा कि रायपुर क्षेत्र सहित पूरे क्षेत्र में अब एक महीने से पहले भी बिजली के बिल आ रहे हैं। लोगों को 20 से 25 दिन में भी बिल थमाए जा रहे हैं। जिससे लोग परेशान हैं। वहीं अर्नव रावत ने कहा कि संबधित विभाग को पूर्व की तरह दो माह में भी बिजली के बिल देने चाहिए। विद्युत दरों के साथ जोड़े गए अन्य चार्ज को भी कम किया जाना चाहिए।
-- वर्तमान में विद्युत बिल एक माह में ही भेजे जाने का नियम है। मीटर रीडर के देरी से या जल्दी रीड़िंग लेने के कारण यह समस्या हो सकती है। जिसकी जांच कर ठीक करवाया जाएगा। राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता रायपुर
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जौलीग्रांट। ऊर्जा निगम की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि ऊर्जा निगम एक माह के स्थान पर बीस से पच्चीस दिन में ही लोगों को बिजली का बिल भेज रहा है जिससे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ वर्ष पहले तक उपभोक्ताओं को दो माह में बिल भेजे जाते थे। उसके बाद निगम की ओर से एक माह के भीतर ही उपभोक्ताओं को बिजली के बिल भेजे जाने लगे हैं जिसका लोगों ने विरोध भी किया था। ऐसे में अब बीस से पच्चीस दिनों के भीतर ही बिजली के बिल उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता का आरोप है कि बिजली का बिल आने के कुछ दिन बाद ही अपना बिल जमा कराते हैं। बिल जमा कराते ही कुछ दिन बाद उन्हें दूसरा बिल थमाया जा रहा है जिससे असमंजस में पड़ जाते हैं कि नया बिल कौन से महीने का आया है।
कुछ वर्ष पहले तक दो महीनों में उपभोक्ताओं को बिजली के बिल भेजे जाते थे। तब विद्युत यूनिट भी काफी सस्ती होती थी। धीरे-धीरे विद्युत दरों में वृद्धि होती रही। जिससे अब बिजली के बिल काफी भारी भरकम आने लगे हैं। वहीं उपभोक्ताओं की खपत भी काफी बढ़ गई है। कांग्रेस नेता और उपभोक्ता जितेंद्र बिष्ट ने कहा कि रायपुर क्षेत्र सहित पूरे क्षेत्र में अब एक महीने से पहले भी बिजली के बिल आ रहे हैं। लोगों को 20 से 25 दिन में भी बिल थमाए जा रहे हैं। जिससे लोग परेशान हैं। वहीं अर्नव रावत ने कहा कि संबधित विभाग को पूर्व की तरह दो माह में भी बिजली के बिल देने चाहिए। विद्युत दरों के साथ जोड़े गए अन्य चार्ज को भी कम किया जाना चाहिए।
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