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Rishikesh News: दूर होगी पढ़ाई की दूरी, तिलधारखाल-माला में इंटर की मंजूरी
Wed, 26 Aug 2026 06:46 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 26 Aug 2026 06:46 PM IST
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-अब गांव में ही होगी इंटर तक पढ़ाई, आठ किमी की दूरी से मिली मुक्ति
-तिलधारखाल और माला के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का इंटरमीडिएट में हुआ उच्चीकरण, ग्रामीण बच्चों की राह हुई आसान
यमकेश्वर। विकासखंड यमकेश्वर के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए लंबे समय से चली आ रही पढ़ाई की दूरी अब खत्म होने जा रही है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलधारखाल और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माला को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने के शासनादेश जारी हो गए हैं। दोनों विद्यालयों को इंटर की मान्यता मिलने से अब गांव के बच्चों को 10वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए आठ से 10 किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे खासकर उन छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी जिनके लिए विद्याालय की दूरी आगे की पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बन जाती थी।
माला विद्यालय में वर्तमान में करीब 50 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। हाईस्कूल के बाद यहां के विद्यार्थियों को इंटर की पढ़ाई के लिए करीब आठ किलोमीटर दूर गैंडखाल इंटर कॉलेज या टिहरी जिले के गूलर इंटर कॉलेज जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र में दूरी और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। कुछ छात्र-छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी जबकि कई परिवार बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए शहरों की ओर भेजने को मजबूर होते थे। तिलधारखाल विद्यालय का भी क्षेत्र में पुराना शैक्षिक इतिहास रहा है। विद्यालय की शुरुआत वर्ष 1984 में प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2005 में इसे हाईस्कूल का दर्जा मिला। वर्तमान में विद्यालय में 81 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अब इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकरण होने से आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की पहली सीढ़ी यहीं उपलब्ध होगी।
15 गांवों का एकमात्र सहारा तिलधार विद्यालय
तिलधारखाल विद्यालय करीब 15 गांवों के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। पम्बा, पनियाली, टोला, जिमराड़ी, तिलधार, बलोदी, जामल, कुलेथ, खरदूणी, पोखरी, भड़ैत, सैंज और घयाला समेत आसपास के गांवों के बच्चे यहां पढ़ते हैं। 10वीं के बाद विद्यार्थियों को 10 से 15 किमी दूर जाना पड़ता था। दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण खासकर कई छात्राओं की पढ़ाई छूट जाती थी। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
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-विकासखंड के 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों माला एवं तिलधारखाल में इंटर कक्षाओं की मान्यता का शासन से आदेश हुए हैं। इन विद्यालयों के उच्चीकरण की लंबे समय से मांग थी।- केएस टोलिया खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर।
-यमकेश्वर के 2 माध्यमिक विद्यालयों के उच्चीकरण के लिए शासन से मांग की गई थी। ग्रामीणों की लंबे समय से यह मांग थी। अब छात्र-छात्राओं को पढ़ने दूर नहीं जाना पड़ेगा।-रेनू बिष्ट विधायक यमकेश्वर।
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-तिलधारखाल और माला के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का इंटरमीडिएट में हुआ उच्चीकरण, ग्रामीण बच्चों की राह हुई आसान
यमकेश्वर। विकासखंड यमकेश्वर के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए लंबे समय से चली आ रही पढ़ाई की दूरी अब खत्म होने जा रही है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलधारखाल और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माला को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने के शासनादेश जारी हो गए हैं। दोनों विद्यालयों को इंटर की मान्यता मिलने से अब गांव के बच्चों को 10वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए आठ से 10 किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे खासकर उन छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी जिनके लिए विद्याालय की दूरी आगे की पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बन जाती थी।
माला विद्यालय में वर्तमान में करीब 50 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। हाईस्कूल के बाद यहां के विद्यार्थियों को इंटर की पढ़ाई के लिए करीब आठ किलोमीटर दूर गैंडखाल इंटर कॉलेज या टिहरी जिले के गूलर इंटर कॉलेज जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र में दूरी और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। कुछ छात्र-छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी जबकि कई परिवार बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए शहरों की ओर भेजने को मजबूर होते थे। तिलधारखाल विद्यालय का भी क्षेत्र में पुराना शैक्षिक इतिहास रहा है। विद्यालय की शुरुआत वर्ष 1984 में प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2005 में इसे हाईस्कूल का दर्जा मिला। वर्तमान में विद्यालय में 81 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अब इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकरण होने से आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की पहली सीढ़ी यहीं उपलब्ध होगी।
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15 गांवों का एकमात्र सहारा तिलधार विद्यालय
तिलधारखाल विद्यालय करीब 15 गांवों के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। पम्बा, पनियाली, टोला, जिमराड़ी, तिलधार, बलोदी, जामल, कुलेथ, खरदूणी, पोखरी, भड़ैत, सैंज और घयाला समेत आसपास के गांवों के बच्चे यहां पढ़ते हैं। 10वीं के बाद विद्यार्थियों को 10 से 15 किमी दूर जाना पड़ता था। दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण खासकर कई छात्राओं की पढ़ाई छूट जाती थी। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
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-विकासखंड के 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों माला एवं तिलधारखाल में इंटर कक्षाओं की मान्यता का शासन से आदेश हुए हैं। इन विद्यालयों के उच्चीकरण की लंबे समय से मांग थी।- केएस टोलिया खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर।
-यमकेश्वर के 2 माध्यमिक विद्यालयों के उच्चीकरण के लिए शासन से मांग की गई थी। ग्रामीणों की लंबे समय से यह मांग थी। अब छात्र-छात्राओं को पढ़ने दूर नहीं जाना पड़ेगा।-रेनू बिष्ट विधायक यमकेश्वर।