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Rishikesh News: एम्स में निशुल्क होगी कटे होंठ और तालु की सर्जरी
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एम्स में जन्म से कटे होंठ और तालु के मरीजों का ऑपरेशन निशुल्क होगा। इसके लिए ऑपरेशन स्माइल और एम्स ऋषिकेश के बीच अनुबंध हुआ है।
जन्मजात कटे होंठ और तालु की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एम्स से राहत की खबर है। एम्स के बर्न और प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की ओर से इन लोगों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। समस्याओं से ग्रसित लोगों की सर्जरी निशुल्क की जाएगी।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया जिन लोगों के कटे होंठ अथवा कटे तालु होते हैं, वह ढंग से भोजन नहीं कर पाते हैं और उन्हें बोलने में दिक्कत रहती है। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की ओर मुहिम चलाकर सुनिश्चित किया जाएगा कि ऑपरेशन के माध्यम से उनकी इस समस्या का निदान किया जाए। ऑपरेशन स्माइल संस्था के कार्यकारी निदेशक अभिषेक सेन गुप्ता ने कहा कि संस्था पिछले 40 वर्षों से निम्न और गरीब तबके के रोगियों की मदद के लिए विभिन्न कार्य कर रही है।
स्पीच थेरेपी भी निशुल्क
बर्न और प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की डाॅ. देवरती चट्टोपाध्याय ने बताया कि अनुबंध के तहत ऐसे मरीजों को सर्जरी के अलावा वाक उपचार (स्पीच थेरेपी), डेंटल उपचार, पोषण और व्यापक देखभाल की सुविधा भी निशुल्क प्रदान की जाएगी। उत्तराखंड के अलावा समीपवर्ती अन्य राज्यों के लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
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जन्मजात कटे होंठ और तालु की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एम्स से राहत की खबर है। एम्स के बर्न और प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की ओर से इन लोगों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। समस्याओं से ग्रसित लोगों की सर्जरी निशुल्क की जाएगी।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया जिन लोगों के कटे होंठ अथवा कटे तालु होते हैं, वह ढंग से भोजन नहीं कर पाते हैं और उन्हें बोलने में दिक्कत रहती है। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की ओर मुहिम चलाकर सुनिश्चित किया जाएगा कि ऑपरेशन के माध्यम से उनकी इस समस्या का निदान किया जाए। ऑपरेशन स्माइल संस्था के कार्यकारी निदेशक अभिषेक सेन गुप्ता ने कहा कि संस्था पिछले 40 वर्षों से निम्न और गरीब तबके के रोगियों की मदद के लिए विभिन्न कार्य कर रही है।
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स्पीच थेरेपी भी निशुल्क
बर्न और प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की डाॅ. देवरती चट्टोपाध्याय ने बताया कि अनुबंध के तहत ऐसे मरीजों को सर्जरी के अलावा वाक उपचार (स्पीच थेरेपी), डेंटल उपचार, पोषण और व्यापक देखभाल की सुविधा भी निशुल्क प्रदान की जाएगी। उत्तराखंड के अलावा समीपवर्ती अन्य राज्यों के लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
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