ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों व उनके तीमारदारों को बाल कैंसर को लेकर जागरूक किया गया।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने बताया कि कैंसर न सिर्फ वयस्क लोगों में बल्कि बच्चों को भी ग्रसित कर सकता है। यदि समय पर बाल कैंसर की जांच कराई जाए तो इसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लिहाजा बाल कैंसर को लेकर अभिभावकों को जागरूक होना होगा। संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में बाल कैंसर निवारण को लेकर कैंसर ओपीडी सुविधा, रेडियो थेरेपी, कीमो थेरेपी आदि सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बाल शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. सत्यश्री ने बताया कि कैंसर ग्रसित मरीज के लिए समय पर अस्पताल में अपनी जांच करानी जरुरी होती है, तभी कैंसर जैसी घातक बीमारी का समय पता लगाया जा सकता है और उपचार शुरू किया जा सकता है। इस बीमारी में किसी भी तरह की लापरवाही जीवन के लिए घातक है। मेडिकल ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. उत्तम कुमार नाथ ने बताया कि रक्त से होने वाले कैंसर का जड़ से खात्मा भारत में भी संभव है, एम्स में कई ऐसे बच्चों की बीमारी का निराकरण किया जा चुका है जो कि रक्त कैंसर से ग्रसित थे। मरीज समय से अस्पताल में समुचित जांच कराएं तो रक्त कैंसर को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है। कार्यक्रम में कैंसर विषय से जुड़े सवालों के मेडिकल ओंकोलॉजी विभाग की फैकल्टी डॉ. अमित सहरावत ने जवाब दिया। इस मौके पर कैन किड्स संस्था की प्रोजेक्ट मैनेजर प्रीति रस्तोगी, डॉ. मोहित धींगड़ा, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. दीपक सुंदरियाल, डॉ. दीपा, डॉ. गौरव आदि थे।