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एम्स में एयर एंबुलेंस हेलीपैड का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

Wed, 12 Aug 2020 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2020 01:36 AM IST
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Chief Minister inaugurated air ambulance helipad in AIIMS
एम्स में एयर एंबुलेंस हेलीपैड का लोकार्पण करते सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मंगलवार को एयर एंबुलेंस हेलीपैड का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन किया। एम्स में हेलीपैड निर्माण से आपदा अथवा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को तत्काल उपचार के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए एम्स पहुंचाया जा सकेगा।
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कार्यक्रम के दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में समय-समय पर होने वाली प्राकृतिक आपदाओं में कई दफा काफी संख्या में लोग घायल हो जाते हैं, लिहाजा ऐसे समय में उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट करने के लिए एम्स का एयर बेस काफी हद तक सहायक सिद्ध होगा। एम्स में हेलीपैड की स्थापना के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संस्थान के निदेशक प्रो. रवि कांत को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि एम्स में आपदा व दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के उपचार के लिए प्रशिक्षित एयर रेस्क्यू टीम तैनात है। आपदा के लिहाज से संदेनशील उत्तराखंड राज्य में सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य में दक्ष आपदा मित्र बनाए हैं, जो ऐसे संकट के समय में लोगों को बचाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर अनीत ममगाईं, जीएमवीएन उपाध्यक्ष केके सिंघल, राज्यमंत्री करन बोहरा, उपनिदेशक (प्रशासन) अंशुमन गुप्ता, डीन प्रो. मनोज गुप्ता, डीएचए प्रो. यूबी मिश्रा, डॉ. गीता नेगी, एसई अनुराग सिंह, ईई एनपी सिंह, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, लॉ ऑफिसर प्रदीप चंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
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उत्तराखंड देश का पहला राज्य, जहां आपदा
प्रबंधन मंत्रालय पृथकरूप से कार्य कर रहा: सीएम
ऋषिकेश। एम्स पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत करने हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां आपदा प्रबंधन मंत्रालय पृथकरूप से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने एम्स संस्थान के बारे में बताया कि यहां चंद मिनटों में एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को ऑपरेशन थियेटर तक पहुंचाने की सुविधा है और इस तरह के घायल मरीजों की देखरेख करने वाला पूर्ण प्रशिक्षित स्टाफ मुस्तैद है।
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अगले पूरे साल भी जूझना होगा कोरोना से : प्रो. रविकांत
ऋषिकेश। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि एम्स में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। संस्थान में एयर लिफ्ट की सुविधा के शुरू होने से उत्तराखंड राज्य के लोगों मसलन, ट्रॉमा पेशेंट के साथ- साथ ब्रेन स्ट्रोक, हार्टअटैक, अंग प्रत्यारोपण तथा मातृ मृत्युदर को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कोविड19 के बाबत बताया कि हमें वर्ष-2021 दिसंबर तक कोरोना वायरस का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, लिहाजा इसके लिए सभी को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
हेलीसेवा से अस्पताल पहुंचने की मॉकड्रिल
ऋषिकेश। एम्स के हेली सर्विसेस इंचार्ज डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि सही मायने में इस सेवा का लाभ राज्यवासियों को तभी मिल पाएगा, जब राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए इस सेवा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने एम्स ऋषिकेश व उत्तराखंड सरकार द्वारा हेली एंबुलेंस व हेलीपैड सेवा शुरू करने के लिए भारत सरकार के सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के सचिव प्रदीप कुमार खरोला द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर एम्स की एयर रेस्क्यू टीम ने आपदा के दौरान घायल को हेलीसेवा से अस्पताल पहुंचाने का मॉकड्रिल कर प्रदर्शन भी किया।
एम्स में हेली एयर एंबुलेंस का जोड़
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अब हेली से उतरने के बाद मरीज को मात्र 9 मिनट में एंबुलेंस से ट्रामा सेंटर तक पहुंचने की व्यवस्था रहेगी। पिछले तीन सालों में प्रदेश में 100 से अधिक लोगों की जान हेली सेवा से सीधे अस्पतालों में लाकर बचाई गई। इसके लिए सरकारी हेलीकॉप्टर एवं किराये पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि एम्स देश का पहला ऐसा संस्थान है, जहां परिसर के अन्दर हेलीपैड की सुविधा है। मुख्यमंत्री ने एम्स के डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में सीनियर डॉक्टर कोरोना के मरीजों का विशेष ध्यान रखें। जिस तरह कोरोना अपना स्वरूप बदल रहा है, यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस एवं डॉक्टरों के आपसी तालमेल से समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। कोरोना काल में आशा, आंगनबाड़ी, नर्स एवं डॉक्टर और स्वच्छता कर्मचारी जो ग्राउंड लेबल पर कार्य कर रहे हैं, वे जनता के लिए देवदूत के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एम्स की पहुंच दुर्गम स्थानों के मरीजों तक होनी चाहिए। सेवा सार्थक तभी होती है, जब सेवा गरीबों तक पहुंचे।

भ्रष्टाचारी रडार पर थे और रहेंगे
ऋषिकेश। पत्रकार के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा भ्रष्ट अफसर पहले भी हमारे रडार पर थे और आगे भी रहेंगे। हां, अभी वे उनका नाम नहीं बता सकते। लेकिन, शीघ्र ही ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्स की एर्पोच रोड शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएगी। पहाड़ों में प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं, ये हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन, हमें अलर्ट रहने की जरूरत है। कुछ ब्लैक स्पॉट हैं, लेकिन वहां हमारी पहले से तैयारी रहती है। हमने राज्य में आपदा मित्र बनाए हैं। हमारी एसडीआरएफ देश की सर्वोत्तम एजेंसी है। उत्तराखंड पहला राज्य है, जहां पर आपदा प्रबंधन मंत्रालय का गठन किया गया है। इसकी शुरूआत ही उत्तराखंड से हुई है। इसी का परिणाम है कि हम काफी हद तक रेस्क्यू समय को कम कर पाए हैं। उन्होंने कहा पहाड़ में विभिन्न स्थानों पर बंद सड़कों को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है।

 एम्स में एयर एंबुलेंस के हेलीपैड के लोकार्पण के लिए जाते सीएम टीएस रावत।

एम्स में एयर एंबुलेंस के हेलीपैड के लोकार्पण के लिए जाते सीएम टीएस रावत।- फोटो : RISHIKESH

 एम्स में रेस्क्यू मॉक ड्रिल करते ट्रामा सेंटर की टीम।

एम्स में रेस्क्यू मॉक ड्रिल करते ट्रामा सेंटर की टीम।- फोटो : RISHIKESH

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