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एसपीएस में विद्युत सुरक्षा अधिकारी ने की बिजली उपकरणों की जांच
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ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में शासन के निर्देश पर विद्युत सुरक्षा अधिकारी ने ऊर्जा निगम के इंजीनियरों के साथ बिजली से संबंधित जांच की। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन और यहां काम कर रही एजेंसी को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
विद्युत सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद शासन ने सरकारी अस्पतालों के साथ निजी चिकित्सालयों को कोविड केयर सेंटर बनाया था। अब शासन ने इन अस्पतालों/नर्सिंग होम की बिजली से संबंधित जांच आदेश दिए हैं। एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश से जांच का काम शुरू किया गया है। चिकित्सालय में आईसीयू बनने के बाद डीजल जनरेटर (डीजी सेट) लगाया गया है उसकी जांच के करने के साथ ही पूर्व में लगाए जनरेटर, अर्थिंग और बिजली की लाइनों को चेक किया गया। उन्होंने बताया राजकीय चिकित्सालय बिजली के उपकरणों की जांच करने में दो दिन का समय और लगेगा। उसके बाद शहर के निजी चिकित्सालयों में बिजली से संबंधित जांच की जाएगी। जिन निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग होम में नियम विरुद्ध, बिना अनुमति के उपकरण लगे होंगे, उन्हें स्थानीय प्रशासन की मदद से सील किया जाएगा। इस अवसर पर अपर सहायक अभियंता शैल विहार ब्रह्मपाल और ऊर्जा निगम के लाइनमैन आदि उपस्थित थे।
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विद्युत सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद शासन ने सरकारी अस्पतालों के साथ निजी चिकित्सालयों को कोविड केयर सेंटर बनाया था। अब शासन ने इन अस्पतालों/नर्सिंग होम की बिजली से संबंधित जांच आदेश दिए हैं। एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश से जांच का काम शुरू किया गया है। चिकित्सालय में आईसीयू बनने के बाद डीजल जनरेटर (डीजी सेट) लगाया गया है उसकी जांच के करने के साथ ही पूर्व में लगाए जनरेटर, अर्थिंग और बिजली की लाइनों को चेक किया गया। उन्होंने बताया राजकीय चिकित्सालय बिजली के उपकरणों की जांच करने में दो दिन का समय और लगेगा। उसके बाद शहर के निजी चिकित्सालयों में बिजली से संबंधित जांच की जाएगी। जिन निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग होम में नियम विरुद्ध, बिना अनुमति के उपकरण लगे होंगे, उन्हें स्थानीय प्रशासन की मदद से सील किया जाएगा। इस अवसर पर अपर सहायक अभियंता शैल विहार ब्रह्मपाल और ऊर्जा निगम के लाइनमैन आदि उपस्थित थे।
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