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पहाड़ की वादियों में जहर घोल रहे कैंप संचालक
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बैरागढ़ गांव में कैंप संचालक खुले में डाल रहे कूड़ा।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत बैरागढ़, मोहनचट्टी और आसपास क्षेत्र में कैंप संचालक पहाड़ की हसीन वादियों में जहर घोल रहे हैं। क्षेत्र में संचालित कैंप संचालक एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कैंप संचालकों के पास कूड़ा समाधान की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वे खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं। जिससे आसपास वातावरण और पर्यावरण दूषित हो रहा है।
लक्ष्मणझूला से मात्र 25 किमी दूर गंगा की सहायक नदी हेंवल के तट पर बैरागढ़, मोहनचट्टी, घट्टूगाड़, फूलचट्टी, नैल, बिजनी आदि जगहों पर कैंप संचालित हो रहे हैं। कैंपों में विभिन्न प्रांतों के पर्यटक पहुंचते हैं। एनजीटी के नियमानुसार खुले में कूड़ा डालना वर्जित है। उसके बावजूद भी बैरागढ़ क्षेत्र में कैंप संचालक खुले में कूड़ा डाल रहे हैं। यही कूड़ा बारिश के दौरान गदेरों में बहकर हेंवलनदी में समाहित हो रही है। जो मोक्षदायिनी गंगा में बह रही है।
ग्राम पंचायत सिंदुड़ी के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि बैरागढ़ क्षेत्र में संचालित कैंप संचालक खुले में कूड़ा उड़ेल रहे हैं। जिससे आसपास क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है। प्रशासन से कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। कैंप संचालकों को कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन होने के बाद ही कैंप संचालन की अनुमति दी जाती है। यदि बैरागढ़ क्षेत्र में खुले में कूड़ा डाला जा रहा है तो प्रशासन की ओर से इस ओर उचित कार्रवाई होगी।
-संदीप कुमार, एसडीएम, यमकेश्वर
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लक्ष्मणझूला से मात्र 25 किमी दूर गंगा की सहायक नदी हेंवल के तट पर बैरागढ़, मोहनचट्टी, घट्टूगाड़, फूलचट्टी, नैल, बिजनी आदि जगहों पर कैंप संचालित हो रहे हैं। कैंपों में विभिन्न प्रांतों के पर्यटक पहुंचते हैं। एनजीटी के नियमानुसार खुले में कूड़ा डालना वर्जित है। उसके बावजूद भी बैरागढ़ क्षेत्र में कैंप संचालक खुले में कूड़ा डाल रहे हैं। यही कूड़ा बारिश के दौरान गदेरों में बहकर हेंवलनदी में समाहित हो रही है। जो मोक्षदायिनी गंगा में बह रही है।
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ग्राम पंचायत सिंदुड़ी के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि बैरागढ़ क्षेत्र में संचालित कैंप संचालक खुले में कूड़ा उड़ेल रहे हैं। जिससे आसपास क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है। प्रशासन से कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। कैंप संचालकों को कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन होने के बाद ही कैंप संचालन की अनुमति दी जाती है। यदि बैरागढ़ क्षेत्र में खुले में कूड़ा डाला जा रहा है तो प्रशासन की ओर से इस ओर उचित कार्रवाई होगी।
-संदीप कुमार, एसडीएम, यमकेश्वर