{"_id":"6ac3aa6aff42ff8b8a038b43","slug":"bail-denied-to-accused-charged-with-engaging-in-sexual-relations-under-false-promise-of-marriage-rishikesh-news-c-38-1-sdrn1040-147278-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोपी की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोपी की जमानत खारिज
Mon, 05 Oct 2026 07:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 05 Oct 2026 07:17 PM IST
विज्ञापन
- फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देकर शादी रुकवाने के प्रयास का भी आरोप
ऋषिकेश। शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में उसकी शादी कहीं और तय होने पर फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देकर विवाह रुकवाने के आरोप में जेल में बंद आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी रामप्रीत साहनी उर्फ गोदन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
आरोपी राम प्रीत साहनी ने जमानत के लिए प्रार्थनापत्र अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार बर्मन की अदालत में दायर किया था। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी रामप्रीत साहनी उर्फ गोदन ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि बाद में पीड़िता की शादी किसी अन्य युवक से तय होने पर आरोपी ने उसके फोटो और वीडियो संबंधित युवक को भेजने की धमकी दी और शादी रुकवाने का प्रयास किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद अपराध की प्रकृति को गंभीर माना। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों में जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसके बाद आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई।
विज्ञापन
ऋषिकेश। शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में उसकी शादी कहीं और तय होने पर फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देकर विवाह रुकवाने के आरोप में जेल में बंद आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी रामप्रीत साहनी उर्फ गोदन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
आरोपी राम प्रीत साहनी ने जमानत के लिए प्रार्थनापत्र अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार बर्मन की अदालत में दायर किया था। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी रामप्रीत साहनी उर्फ गोदन ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि बाद में पीड़िता की शादी किसी अन्य युवक से तय होने पर आरोपी ने उसके फोटो और वीडियो संबंधित युवक को भेजने की धमकी दी और शादी रुकवाने का प्रयास किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद अपराध की प्रकृति को गंभीर माना। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों में जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसके बाद आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई।
विज्ञापन