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Rishikesh News: अमेरिकी दल परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचा
Fri, 16 Jan 2026 06:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 16 Jan 2026 06:54 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में अमेरिका से आए दल ने स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। दल के सदस्यों ने बताया कि आज अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत का हर दिन हर क्षण स्वतंत्रता का पर्याय है। भारत विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है, जहां धार्मिक स्वतंत्रता कोई आधुनिक अवधारणा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का मूल स्वभाव है।
स्वामी चिदानंद ने कहा कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि आत्मा से आया एक संस्कार है। यहां धर्म व्यक्ति को बांधता नहीं, उसे ऊंचा उठाता है। आज आवश्यकता है कि हम धार्मिक स्वतंत्रता को केवल अधिकार न मानें, बल्कि कर्तव्य भी समझें। कर्तव्य यह कि हम अपने विश्वास को जिएं पर दूसरों के विश्वास को भी सम्मान दें। यही भारत की सनातन चेतना है। यही भारत की वास्तविक धर्म निरपेक्षता है और यही वह मार्ग है जिससे भारत विश्व को यह सिखाता है कि धार्मिक स्वतंत्रता केवल कानून से नहीं, संस्कार से सुरक्षित रहती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में अमेरिका से आए दल ने स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। दल के सदस्यों ने बताया कि आज अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत का हर दिन हर क्षण स्वतंत्रता का पर्याय है। भारत विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है, जहां धार्मिक स्वतंत्रता कोई आधुनिक अवधारणा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का मूल स्वभाव है।
स्वामी चिदानंद ने कहा कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि आत्मा से आया एक संस्कार है। यहां धर्म व्यक्ति को बांधता नहीं, उसे ऊंचा उठाता है। आज आवश्यकता है कि हम धार्मिक स्वतंत्रता को केवल अधिकार न मानें, बल्कि कर्तव्य भी समझें। कर्तव्य यह कि हम अपने विश्वास को जिएं पर दूसरों के विश्वास को भी सम्मान दें। यही भारत की सनातन चेतना है। यही भारत की वास्तविक धर्म निरपेक्षता है और यही वह मार्ग है जिससे भारत विश्व को यह सिखाता है कि धार्मिक स्वतंत्रता केवल कानून से नहीं, संस्कार से सुरक्षित रहती है।
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