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कोरोनाकाल में एम्स में दो लाख से अधिक लोगों का हुआ इलाज
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एम्स निदेशक प्रो. रविकांत।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। कोविड19 विश्वव्यापी महामारी के काल में लॉकडाउन व अनलॉक के विभिन्न चरणों में एम्स ऋषिकेश में मरीजों को इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके इंतजाम किए गए हैं। एम्स प्रशासन के अनुसार एम्स में स्क्रीनिंग ओपीडी, संजीवनी पोर्टल व टेलिमेडिसिन परामर्श एवं आपातकालीन सेवाओं के माध्यम से अब तक 2,31,515 से अधिक मरीजों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई गई है।
एम्स निदेशक प्रो रवि कांत ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर एम्स को भी अपनी जनरल ओपीडी सेवाएं स्थगित करनी पड़ी। मगर एम्स ने इस दौरान भी अपनी इमरजेंसी, ट्रॉमा सेवाएं सततरूप से जारी रखी गईं।
इतना ही नहीं स्क्रीनिंग ओपीडी के माध्यम से अस्पताल पहुंचने वाले सामान्य मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श तथा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे लोगों, जो कि लॉकडाउन के दौरान आवागमन बंद होने से अस्पताल तक नहीं पहुंच सकते थे, उनके लिए संजीवनी पोर्टल व टेलिमेडिसिन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जो कि अनलॉक में भी सततरूप से जारी हैं। निदेशक ने बताया कि इस साल अब तक अस्पताल में 2,31,515 मरीज उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचे हैं। इस अवधि में संस्थान में 23,589 कोरोना नेगेटिव मरीजो को भर्ती की सुविधा प्रदान की गई। 4,496 मरीजों की बड़ी शल्य चिकित्सा व 4,257 मरीजों की छोटी शल्य चिकित्सा की गई। इसके अलावा 23,448 रोगियों को इमरजेंसी डे-केयर सेंटर में भर्ती किया गया।
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उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला और रेडियोलॉजिकल सेवाएं आपातकालीन और वैकल्पिक रोगियों की आवश्यक सेवाओं के लिए सततरूप से जारी हैं। निदेशक प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि एम्स कोविड स्क्रीनिंग केंद्र में कोविड 19 के लिए अब तक 28,145 संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच की गई जबकि इस अवधि में अब तक 2,599 कोविड पॉजिटिव मरीजों को भर्ती किया गया है।
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एम्स निदेशक प्रो रवि कांत ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर एम्स को भी अपनी जनरल ओपीडी सेवाएं स्थगित करनी पड़ी। मगर एम्स ने इस दौरान भी अपनी इमरजेंसी, ट्रॉमा सेवाएं सततरूप से जारी रखी गईं।
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इतना ही नहीं स्क्रीनिंग ओपीडी के माध्यम से अस्पताल पहुंचने वाले सामान्य मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श तथा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे लोगों, जो कि लॉकडाउन के दौरान आवागमन बंद होने से अस्पताल तक नहीं पहुंच सकते थे, उनके लिए संजीवनी पोर्टल व टेलिमेडिसिन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जो कि अनलॉक में भी सततरूप से जारी हैं। निदेशक ने बताया कि इस साल अब तक अस्पताल में 2,31,515 मरीज उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचे हैं। इस अवधि में संस्थान में 23,589 कोरोना नेगेटिव मरीजो को भर्ती की सुविधा प्रदान की गई। 4,496 मरीजों की बड़ी शल्य चिकित्सा व 4,257 मरीजों की छोटी शल्य चिकित्सा की गई। इसके अलावा 23,448 रोगियों को इमरजेंसी डे-केयर सेंटर में भर्ती किया गया।
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उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला और रेडियोलॉजिकल सेवाएं आपातकालीन और वैकल्पिक रोगियों की आवश्यक सेवाओं के लिए सततरूप से जारी हैं। निदेशक प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि एम्स कोविड स्क्रीनिंग केंद्र में कोविड 19 के लिए अब तक 28,145 संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच की गई जबकि इस अवधि में अब तक 2,599 कोविड पॉजिटिव मरीजों को भर्ती किया गया है।