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आपात उपचार के लिए वरदान साबित हो रहा एम्स का हेलीपैड
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ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश का हेलीपैड ट्रामा एवं इमरजेंसी मरीजों की आपात चिकित्सा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। बीते 5 महीने में एयर एम्बुलेंस के माध्यम से आपात उपचार के लिए 11 मरीजों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा चुका है।
इस बाबत एम्स निदेशक प्रो रवि कांत ने कहा कि उत्तराखंड और देश के किसी भी कोने से एयर एम्बुलेंस द्वारा मरीज को आपात चिकित्सा के लिए एम्स ऋषिकेश लाया जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा की दृष्टि से उन्होंने इसे राज्य के लिए विशेष लाभकारी बताया। बताया कि प्रसव अवस्था, दुर्घटनाओं और आपदा के दौरान घायल लोगों के अलावा ब्रेन अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मरीजों का जीवन बचाने के लिए यह सुविधा संजीवनी से कम लाभकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति के दौरान एम्स ऋषिकेश के हैलीपैड में एक ही समय में तीन हेलीकॉप्टर लैंड कर सकते हैं। इस अवसर पर संस्थान के हेली एविएशन इंचार्ज और ट्रामा विशेषज्ञ डॉ. मधुर उनियाल आदि मौजूद रहे।
इंसेट..
हेली एम्बुलेंस से अबत क एम्स पहुंचे मरीज
-2 अक्तूबर- पौड़ी से 55 वर्षीय ब्रेन स्ट्रोक का एक रोगी
- 15 अक्तूबर- पौड़ी से वाया देहरादून 44 वर्षीय पेन्क्रियाज का एक रोगी
- 9 दिसंबर- चमोली से कोविड पॉजिटिव तीन रोगी
- 10 दिसंबर- कर्णप्रयाग से एक कोविड मरीज
- 4 जनवरी- सहस्त्रधारा, देहरादून से गले के टॉन्सिल से ग्रसित 5 वर्षीय बालक
-29 जनवरी- पौड़ी से 55 वर्षीय मुहं में सूजन का रोगी
-19 फरवरी- टिहरी से 28 साल की 1 गर्भवती महिला
-20 फरवरी- देवाल चमोली से सड़क दुर्घटना के 2 घायल मरीज
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इस बाबत एम्स निदेशक प्रो रवि कांत ने कहा कि उत्तराखंड और देश के किसी भी कोने से एयर एम्बुलेंस द्वारा मरीज को आपात चिकित्सा के लिए एम्स ऋषिकेश लाया जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा की दृष्टि से उन्होंने इसे राज्य के लिए विशेष लाभकारी बताया। बताया कि प्रसव अवस्था, दुर्घटनाओं और आपदा के दौरान घायल लोगों के अलावा ब्रेन अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मरीजों का जीवन बचाने के लिए यह सुविधा संजीवनी से कम लाभकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति के दौरान एम्स ऋषिकेश के हैलीपैड में एक ही समय में तीन हेलीकॉप्टर लैंड कर सकते हैं। इस अवसर पर संस्थान के हेली एविएशन इंचार्ज और ट्रामा विशेषज्ञ डॉ. मधुर उनियाल आदि मौजूद रहे।
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इंसेट..
हेली एम्बुलेंस से अबत क एम्स पहुंचे मरीज
-2 अक्तूबर- पौड़ी से 55 वर्षीय ब्रेन स्ट्रोक का एक रोगी
- 15 अक्तूबर- पौड़ी से वाया देहरादून 44 वर्षीय पेन्क्रियाज का एक रोगी
- 9 दिसंबर- चमोली से कोविड पॉजिटिव तीन रोगी
- 10 दिसंबर- कर्णप्रयाग से एक कोविड मरीज
- 4 जनवरी- सहस्त्रधारा, देहरादून से गले के टॉन्सिल से ग्रसित 5 वर्षीय बालक
-29 जनवरी- पौड़ी से 55 वर्षीय मुहं में सूजन का रोगी
-19 फरवरी- टिहरी से 28 साल की 1 गर्भवती महिला
-20 फरवरी- देवाल चमोली से सड़क दुर्घटना के 2 घायल मरीज