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इधर पार्षदों ने किया विरोध उधर बारिश में निरीक्षण को पहुंचे मंत्री
सार
बारिश में दुर्घटनाओं का कारण बन रही रेलवे रोड और स्टेशन के सामने की बंद सड़क को लेकर पार्षदों और वकीलों ने तहसील में विरोध जताकर तहसीलदार के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। इस दौरान उन्होंने डीआरएम को फोन पर सड़क के निरीक्षण और मरम्मत का काम शुरू करने के लिए कहा। कहा कि डीएम के निर्देश के बाद भी न रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क खोली जा रही और न ही गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की मरम्मत की जा रही है।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि हमारे जिम्मेदार नेताओं को अपने चुनाव और कामों की तो बहुत चिंता रहती है, लेकिन जन सुविधाओं पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है।
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विस्तार
बारिश में दुर्घटनाओं का कारण बन रही रेलवे रोड और स्टेशन के सामने की बंद सड़क को लेकर पार्षदों और वकीलों ने तहसील में विरोध जताकर तहसीलदार के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। वहीं, पार्षदों और वकीलों के विरोध के बाद बारिश के बीच वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डीआरएम को फोन पर सड़क के निरीक्षण और मरम्मत का काम शुरू करने के लिए कहा।
रेलवे रोड तीन बार मरम्मत के बाद भी डेढ़ साल से बदहाल पड़ी हुई है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। साथ ही जगह-जगह से सड़क उखड़ गई है। शुक्रवार को पार्षद और अधिवक्ता राकेश सिंह मियां के नेतृत्व में पार्षदों व अधिवक्ता तहसील पहुंचे और क्षतिग्रस्त सड़क और रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क को न खोलने पर नाराजगी जताई। पार्षद ने कहा कि एक साल में तीन बार सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन तीनों बार सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क से गुजरते समय दोपहिया वाहन चालक चुटहिल होते हैं। एंबुलेंस से जाने वाले मरीज गड्ढों के चलते दोगुना दर्द झेलते हैं। कहा कि डीएम के निर्देश के बाद भी न रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क खोली जा रही और न ही गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की मरम्मत की जा रही है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि हमारे जिम्मेदार नेताओं को अपने चुनाव और कामों की तो बहुत चिंता रहती है, लेकिन जन सुविधाओं पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। पार्षदों और अधिवक्ताओं ने तहसीलदार अमृता शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल बारिश के बीच ही सड़क के निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने मौके से रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन डीआरएम अजय नंदन को फोन किया। उन्होंने डीआरएम से कहा कि रेलवे रोड पर गड्ढों और सड़क का डामर उखड़ने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया सड़क से गुजरते समय आए दिन लोग वाहन चालक चुटहिल होते है। बताया कि एक व्यक्ति की इसी सड़क पर दुर्घटना के दौरान मौत भी हो गई थी।
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उन्होंने डीआरएम को सड़क के निरीक्षण और मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने के लिए कहा। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में नेता प्रतिपक्ष निगम मनीष शर्मा, पार्षद भगवान सिंह पंवार, पार्षद देवेंद्र प्रजापति, पार्षद जगत नेगी, पार्षद शकुंतला शर्मा, पार्षद राधा रमोला, पार्षद अजीत सिंह गोल्डी, पार्षद चेतन चौहान, अधिवक्ता अतुल यादव, दीपक जाटव आदि शामिल रहे।
डीएम ने लिया मामले का संस्थान
डीएम सोनिका ने भी क्षतिग्रस्त सड़क का संज्ञान लिया। उन्होंने रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर सड़क के मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।
पौने 12 बजे तक पार्षदों, वकीलों ने किया इंतजार
पार्षद और अधिवक्ता सुबह 11 बजे तहसील पहुंच गए थे, लेकिन 11 बजे तक एसडीएम और तहसीलदार समेत कोई भी प्रशासनिक अधिकारी तहसील नहीं पहुंचा था। 11.40 पर तहसीलदार अमृता शर्मा पहुंची तो पार्षदों और अधिवक्ताओं ने उनको ज्ञापन सौंपा। पार्षदों और अधिवक्ताओं अधिकारियों के समय पर न आने पर तहसीलदार के समक्ष नाराजगी भी प्रकट की।
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रेलवे रोड तीन बार मरम्मत के बाद भी डेढ़ साल से बदहाल पड़ी हुई है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। साथ ही जगह-जगह से सड़क उखड़ गई है। शुक्रवार को पार्षद और अधिवक्ता राकेश सिंह मियां के नेतृत्व में पार्षदों व अधिवक्ता तहसील पहुंचे और क्षतिग्रस्त सड़क और रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क को न खोलने पर नाराजगी जताई। पार्षद ने कहा कि एक साल में तीन बार सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन तीनों बार सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क से गुजरते समय दोपहिया वाहन चालक चुटहिल होते हैं। एंबुलेंस से जाने वाले मरीज गड्ढों के चलते दोगुना दर्द झेलते हैं। कहा कि डीएम के निर्देश के बाद भी न रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क खोली जा रही और न ही गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की मरम्मत की जा रही है।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि हमारे जिम्मेदार नेताओं को अपने चुनाव और कामों की तो बहुत चिंता रहती है, लेकिन जन सुविधाओं पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। पार्षदों और अधिवक्ताओं ने तहसीलदार अमृता शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल बारिश के बीच ही सड़क के निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने मौके से रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन डीआरएम अजय नंदन को फोन किया। उन्होंने डीआरएम से कहा कि रेलवे रोड पर गड्ढों और सड़क का डामर उखड़ने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया सड़क से गुजरते समय आए दिन लोग वाहन चालक चुटहिल होते है। बताया कि एक व्यक्ति की इसी सड़क पर दुर्घटना के दौरान मौत भी हो गई थी।
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उन्होंने डीआरएम को सड़क के निरीक्षण और मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने के लिए कहा। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में नेता प्रतिपक्ष निगम मनीष शर्मा, पार्षद भगवान सिंह पंवार, पार्षद देवेंद्र प्रजापति, पार्षद जगत नेगी, पार्षद शकुंतला शर्मा, पार्षद राधा रमोला, पार्षद अजीत सिंह गोल्डी, पार्षद चेतन चौहान, अधिवक्ता अतुल यादव, दीपक जाटव आदि शामिल रहे।
डीएम ने लिया मामले का संस्थान
डीएम सोनिका ने भी क्षतिग्रस्त सड़क का संज्ञान लिया। उन्होंने रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर सड़क के मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।
पौने 12 बजे तक पार्षदों, वकीलों ने किया इंतजार
पार्षद और अधिवक्ता सुबह 11 बजे तहसील पहुंच गए थे, लेकिन 11 बजे तक एसडीएम और तहसीलदार समेत कोई भी प्रशासनिक अधिकारी तहसील नहीं पहुंचा था। 11.40 पर तहसीलदार अमृता शर्मा पहुंची तो पार्षदों और अधिवक्ताओं ने उनको ज्ञापन सौंपा। पार्षदों और अधिवक्ताओं अधिकारियों के समय पर न आने पर तहसीलदार के समक्ष नाराजगी भी प्रकट की।