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Rishikesh News: गमगीन पिता ने कराया पुत्र का नेत्रदान
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Iकोटद्वार निवासी कुणाल रावत के निधन पर पिता ने पेश की मिसालI
दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद एक पिता ने अपने बेटे की मृत्यु पर नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज के सामने मिसाल पेश की है। नेत्रदान कार्यकर्ता और लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि 20 जनवरी को कोटद्वार निवासी 42 वर्षीय कुणाल रावत का निधन हो गया था। पत्नी हिमानी रावत और उनके दोनों पुत्र अधिराज और अभिराज समेत पूरा परिवार शोकाकुल था।
असहनीय दुख की इस घड़ी में वायु सेवा से सेवानिवृत्त पिता गिरिराज सिंह रावत ने अपने पुत्र कुणाल के नेत्रदान के लिए दलजीत सिंह से संपर्क किया। दलजीत सिंह ने गोपाल नारंग की मदद से निर्मल आई अस्पताल में संपर्क किया। नेत्रदान रेस्क्यू टीम उनके निवास पहुंची और डाॅ. वंशज और मकरेंदु ने मृतक के पार्थिव शरीर से दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए। पिता की ओर से कराए गए नेत्रदान पर महेश भाटिया, विजय माहेश्वरी, जितेंद्र भोला, अक्षय भाटिया ने परिवार को साधुवाद दिया।
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दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद एक पिता ने अपने बेटे की मृत्यु पर नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज के सामने मिसाल पेश की है। नेत्रदान कार्यकर्ता और लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि 20 जनवरी को कोटद्वार निवासी 42 वर्षीय कुणाल रावत का निधन हो गया था। पत्नी हिमानी रावत और उनके दोनों पुत्र अधिराज और अभिराज समेत पूरा परिवार शोकाकुल था।
असहनीय दुख की इस घड़ी में वायु सेवा से सेवानिवृत्त पिता गिरिराज सिंह रावत ने अपने पुत्र कुणाल के नेत्रदान के लिए दलजीत सिंह से संपर्क किया। दलजीत सिंह ने गोपाल नारंग की मदद से निर्मल आई अस्पताल में संपर्क किया। नेत्रदान रेस्क्यू टीम उनके निवास पहुंची और डाॅ. वंशज और मकरेंदु ने मृतक के पार्थिव शरीर से दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए। पिता की ओर से कराए गए नेत्रदान पर महेश भाटिया, विजय माहेश्वरी, जितेंद्र भोला, अक्षय भाटिया ने परिवार को साधुवाद दिया।
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