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Rishikesh News: सीमा विवाद में फंसी हिरण की जिंदगी, कुत्तों के हमले में गई जान
Mon, 03 Aug 2026 06:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 03 Aug 2026 06:40 PM IST
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- आबादी क्षेत्र में घुसे हिरण पर लावारिस कुत्तों ने किया हमला, मोतीचूर और हरिद्वार रेंज के सीमा विवाद में उलझे अधिकारी
- डेढ़ घंटे बाद पहुंचे वन कर्मी
- ग्रामीणों की सूचना के बाद भी डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी।
रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे ग्राम पंचायत हरिपुर कलां में सोमवार दोपहर लावारिस कुत्तों के हमले में एक हिरण की मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीमें हरिद्वार और मोतीचूर रेंज के सीमा विवाद में उलझी रहीं। करीब डेढ़ घंटे बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक हिरण की मौत हो चुकी थी।
सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे जंगल से निकलकर एक हिरण हरिपुर कलां के आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। हिरण को देखते ही दो लावारिस कुत्तों ने उसे घेर लिया और काफी देर तक दौड़ाते रहे। ग्रामीणों ने हिरण को बचाने का प्रयास किया और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व के हरिद्वार और मोतीचूर रेंज के अधिकारियों को सूचना दी गई। ग्रामीणों के अनुसार दोनों रेंजों के अधिकारी क्षेत्र को लेकर सीमा विवाद में उलझे रहे और एक-दूसरे के क्षेत्र का मामला बताते रहे। इसके चलते घायल हिरण को समय पर उपचार और सहायता नहीं मिल सकी। ईको विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र ग्वाड़ी और अरुण जोशी ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी मोतीचूर और हरिद्वार रेंज के अधिकारियों को दी थी लेकिन किसी ने सक्रियता नहीं दिखाई। करीब डेढ़ घंटे बाद मोतीचूर रेंज के वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और मृत हिरण के शव को कब्जे में लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग की टीम समय पर पहुंच जाती तो हिरण की जान बचाई जा सकती थी।
कोट-
मामले की जिम्मेदारी हरिद्वार रेंज की थी लेकिन जब बात वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन की हो तो कर्मचारियों को तुरंत एक्शन लेना चाहिए था।-- विजय सैनी, वन्यजीव प्रतिपालक, देहरादून।
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- डेढ़ घंटे बाद पहुंचे वन कर्मी
- ग्रामीणों की सूचना के बाद भी डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी।
रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे ग्राम पंचायत हरिपुर कलां में सोमवार दोपहर लावारिस कुत्तों के हमले में एक हिरण की मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीमें हरिद्वार और मोतीचूर रेंज के सीमा विवाद में उलझी रहीं। करीब डेढ़ घंटे बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक हिरण की मौत हो चुकी थी।
सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे जंगल से निकलकर एक हिरण हरिपुर कलां के आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। हिरण को देखते ही दो लावारिस कुत्तों ने उसे घेर लिया और काफी देर तक दौड़ाते रहे। ग्रामीणों ने हिरण को बचाने का प्रयास किया और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व के हरिद्वार और मोतीचूर रेंज के अधिकारियों को सूचना दी गई। ग्रामीणों के अनुसार दोनों रेंजों के अधिकारी क्षेत्र को लेकर सीमा विवाद में उलझे रहे और एक-दूसरे के क्षेत्र का मामला बताते रहे। इसके चलते घायल हिरण को समय पर उपचार और सहायता नहीं मिल सकी। ईको विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र ग्वाड़ी और अरुण जोशी ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी मोतीचूर और हरिद्वार रेंज के अधिकारियों को दी थी लेकिन किसी ने सक्रियता नहीं दिखाई। करीब डेढ़ घंटे बाद मोतीचूर रेंज के वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और मृत हिरण के शव को कब्जे में लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग की टीम समय पर पहुंच जाती तो हिरण की जान बचाई जा सकती थी।
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कोट-
मामले की जिम्मेदारी हरिद्वार रेंज की थी लेकिन जब बात वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन की हो तो कर्मचारियों को तुरंत एक्शन लेना चाहिए था।
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