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एम्स में लैंस प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में मोतियाबिंद के मरीजों के लिए निशुल्क ऑपरेशन और लैंस प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो गई है। एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि बीते जनवरी माह से संस्थान में सफेद मोतियाबिंद की शल्य क्रिया व लैंस प्रत्यारोपण बिना किसी शुल्क के किया जा रहा है। इससे पूर्व संस्थान में रोगी से मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए करीब ढाई हजार शुल्क लिया जाता था। मोतियाबिंद ऑपरेशन की विभिन्न तकनीक में एक बिना टांके के आधुनिक विधि से ऑपरेशन सुविधा भी मरीजों के लिए एम्स में निशुल्क उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में आयातित लैंस के साथ ऑपरेशन सुविधा बाजार भाव से कम शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही है। संस्थान में इंपोर्टेड लैंस सात हजार रुपये में प्रत्यारोपित किया जा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में इस पर 30 से 40 हजार रुपये खर्च आता है। संस्थान के विजिटिंग प्रोफेसर व सफदरजंग अस्पताल के पूर्व नेत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केपीएस मलिक ने बताया कि एम्स के नेत्र विभाग में आधुनिक विधियों से काला मोतिया, आंखों का भैंगापन, नेत्रों की प्लास्टिक सर्जरी, रेटिना आदि उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
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उन्होंने बताया कि संस्थान में आयातित लैंस के साथ ऑपरेशन सुविधा बाजार भाव से कम शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही है। संस्थान में इंपोर्टेड लैंस सात हजार रुपये में प्रत्यारोपित किया जा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में इस पर 30 से 40 हजार रुपये खर्च आता है। संस्थान के विजिटिंग प्रोफेसर व सफदरजंग अस्पताल के पूर्व नेत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केपीएस मलिक ने बताया कि एम्स के नेत्र विभाग में आधुनिक विधियों से काला मोतिया, आंखों का भैंगापन, नेत्रों की प्लास्टिक सर्जरी, रेटिना आदि उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
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