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शहीद परिवार ने पार्षद पर लगाया सरकारी धन के दुरूपयोग का आरोप
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। शहीद विकास गुरूंग के नाम पर बना शहीद द्वार भी घोटाले का शिकार हो गया है। गुमानीवाला में बने इस द्वार को लेकर शहीद के पिता रमेश गुरूंग ने सोमवार को एसडीएम प्रेमलाल को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि चार लाख रुपये की लागत से बने द्वार का बोर्ड तक घटिया निर्माण की वजह से गिर गया है। इस मामले की जांचकर निर्माणकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले को संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने बीडीओ डोईवाला को प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
सोमवार को शहीद विकास गुरूंग के पिता रमेश गुरूंग ने उपजिलाधिकारी प्रेम लाल से शहीद द्वार के निर्माण में हुए सरकारी बजट के दुरुपयोग की शिकायत की है। बताया कि शहीद द्वार का निर्माण करने के लिए स्थानीय विधायक की ओर से चार लाख रुपये की घोषणा की गई थी। निर्माण का जिम्मा स्थानीय पार्षद को दिया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता बरती गई हैं।
घटिया निर्माण की वजह से शहीद की नाम पट्टिका उद्घाटन से पहले ही गिर गई है। शहीद के पिता रमेश गुरुंग का कहना है कि ऐसी कार्यशैली शहीदों और उनके परिवार का अपमान है। लिहाजा मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने बीडीओ डोईवाला को जांचकर आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
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सोमवार को शहीद विकास गुरूंग के पिता रमेश गुरूंग ने उपजिलाधिकारी प्रेम लाल से शहीद द्वार के निर्माण में हुए सरकारी बजट के दुरुपयोग की शिकायत की है। बताया कि शहीद द्वार का निर्माण करने के लिए स्थानीय विधायक की ओर से चार लाख रुपये की घोषणा की गई थी। निर्माण का जिम्मा स्थानीय पार्षद को दिया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता बरती गई हैं।
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घटिया निर्माण की वजह से शहीद की नाम पट्टिका उद्घाटन से पहले ही गिर गई है। शहीद के पिता रमेश गुरुंग का कहना है कि ऐसी कार्यशैली शहीदों और उनके परिवार का अपमान है। लिहाजा मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने बीडीओ डोईवाला को जांचकर आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
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