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पशुपालन विभाग के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
उत्तराखंड राज्य चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ पशुपालन विभाग ऋषिकेश शाखा के सचिव ने बुधवार को भेड़ एवं ऊन प्रसार संस्थान के परियोजना निदेशक को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी और पशुधन प्रसार अधिकारी पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
कर्मचारी संघ के सचिव विक्रम सिंह चौहान के पत्र के अनुसार कृषि एवं डेयरी अनुभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का उत्पीड़न लगातार किया जा रहा है। आरोप है कि पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उत्तम कुमार तथा पशुधन प्रसार अधिकारी दिनेश चंद्र जोशी लगातार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ गाली गलौच तथा स्थानांतरण की धमकी देते हैं। आरोप है कि बीती 12 जनवरी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मैकू और उसके साथी शाम करीब चार बजे कार्यालय में ही हरा चारा काट रहे थे, तभी डॉ. उत्तम कुमार और दिनेश चंद्र जोशी ने उनसे कम चारा काटने का कारण पूछा। इस पर मैकू ने जवाब दिया कि चारा कम उगने के कारण पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस पर डॉ. उत्तम कुमार और दिनेश चंद्र जोशी ने उनके और साथियों के साथ गाली गलौच की। साथ ही प्रक्षेत्र से स्थानांतरण करने की धमकी भी दी। धमकी और दबाव के कारण मैकू मौके पर ही बेहोश हो गया। इसके बाद साथियों ने एक निजी चिकित्सालय ले जाकर मैकू का उपचार कराया। कर्मचारी संघ के सचिव विक्रम सिंह चौहान ने परियोजना निदेशक से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध शीघ्र सख्त कार्रवाई की मांग की है। ऐसा न करने पर उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। शिकायत करने वालों में भरत सिंह, राजेश पाल, श्यामधनी, रमेश चंद, सूरजपाल, विक्रम सिंह चौहान आदि शामिल हैं।
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12 जनवरी को ऐसा कोई भी घटनाक्रम नहीं हुआ है। यह कर्मचारी मेरे अनुभाग के अंतर्गत नहीं आता है। फिर भी कर्मचारी उत्पीड़न जैसा आरोप लगा रहा है, जो कि बेबुनियाद है। पूरी तरह झूठ है।
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-डॉ. उत्तम कुमार, पशु चिकित्साधिकारी
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इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। मेरे द्वारा किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है। कोई कर्मचारी इस तरह के आरोप लगा रहा है, तो वह गलत है। मैं इस बात का पूरी तरह से खंडन करता हूं।
- दिनेश चंद जोशी, पशुधन प्रसार अधिकारी
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उत्तराखंड राज्य चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ पशुपालन विभाग ऋषिकेश शाखा के सचिव ने बुधवार को भेड़ एवं ऊन प्रसार संस्थान के परियोजना निदेशक को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी और पशुधन प्रसार अधिकारी पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
कर्मचारी संघ के सचिव विक्रम सिंह चौहान के पत्र के अनुसार कृषि एवं डेयरी अनुभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का उत्पीड़न लगातार किया जा रहा है। आरोप है कि पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उत्तम कुमार तथा पशुधन प्रसार अधिकारी दिनेश चंद्र जोशी लगातार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ गाली गलौच तथा स्थानांतरण की धमकी देते हैं। आरोप है कि बीती 12 जनवरी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मैकू और उसके साथी शाम करीब चार बजे कार्यालय में ही हरा चारा काट रहे थे, तभी डॉ. उत्तम कुमार और दिनेश चंद्र जोशी ने उनसे कम चारा काटने का कारण पूछा। इस पर मैकू ने जवाब दिया कि चारा कम उगने के कारण पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस पर डॉ. उत्तम कुमार और दिनेश चंद्र जोशी ने उनके और साथियों के साथ गाली गलौच की। साथ ही प्रक्षेत्र से स्थानांतरण करने की धमकी भी दी। धमकी और दबाव के कारण मैकू मौके पर ही बेहोश हो गया। इसके बाद साथियों ने एक निजी चिकित्सालय ले जाकर मैकू का उपचार कराया। कर्मचारी संघ के सचिव विक्रम सिंह चौहान ने परियोजना निदेशक से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध शीघ्र सख्त कार्रवाई की मांग की है। ऐसा न करने पर उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। शिकायत करने वालों में भरत सिंह, राजेश पाल, श्यामधनी, रमेश चंद, सूरजपाल, विक्रम सिंह चौहान आदि शामिल हैं।
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12 जनवरी को ऐसा कोई भी घटनाक्रम नहीं हुआ है। यह कर्मचारी मेरे अनुभाग के अंतर्गत नहीं आता है। फिर भी कर्मचारी उत्पीड़न जैसा आरोप लगा रहा है, जो कि बेबुनियाद है। पूरी तरह झूठ है।
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-डॉ. उत्तम कुमार, पशु चिकित्साधिकारी
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इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। मेरे द्वारा किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है। कोई कर्मचारी इस तरह के आरोप लगा रहा है, तो वह गलत है। मैं इस बात का पूरी तरह से खंडन करता हूं।
- दिनेश चंद जोशी, पशुधन प्रसार अधिकारी