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फतेहपुर में तैयार की जाएगी नवग्रह वाटिका
Thu, 27 Jun 2019 10:48 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 10:48 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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लच्छीवाला वन क्षेत्र की बनवाह बीट के अतंर्गत फतेहपुर क्षेत्र में नवग्रह वाटिका तैयार में जड़ी-बूटी और ग्रहों से संबंध रखने वाले पेड़ पौधे रोपे जाएंगे। इन पर करीब 84 लाख की लागत आएगी। नवग्रह वाटिका को तैयार करने का जिम्मा मण्डी परिषद को दिया है।
लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि करीब चार हेक्टेयर जमीन पर नवग्रह वाटिका के लिए प्रारंभिक निर्माण शुरू कर दिया गया है। वाटिका में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा।
इसका मकसद आयुर्वेद का अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को औषधीय पौधों के महत्व का जीवंत प्रदर्शन कराना है। नवग्रह वाटिका के तहत नक्षत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका, गुरु का बाग, पंचवटी वाटिका और अन्य प्रकार की वाटिकाएं भी बनाई जाएगी। इन वाटिकाओं में भारतीय ज्योतिष और नक्षत्रों के आधार पर औषधीय पौधे जैसे पीपल, गूलर, आंवला, खैर, बैल, अशोक, हरड़, खजूर, अंगूर और जैतून आदि की प्रजातियों लगाई जाएंगी। इसके अलावा वाटिका में गंगा की मूर्ति स्थापना और सरोवर भी तैयार किया जाएगा।
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लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि करीब चार हेक्टेयर जमीन पर नवग्रह वाटिका के लिए प्रारंभिक निर्माण शुरू कर दिया गया है। वाटिका में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा।
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इसका मकसद आयुर्वेद का अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को औषधीय पौधों के महत्व का जीवंत प्रदर्शन कराना है। नवग्रह वाटिका के तहत नक्षत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका, गुरु का बाग, पंचवटी वाटिका और अन्य प्रकार की वाटिकाएं भी बनाई जाएगी। इन वाटिकाओं में भारतीय ज्योतिष और नक्षत्रों के आधार पर औषधीय पौधे जैसे पीपल, गूलर, आंवला, खैर, बैल, अशोक, हरड़, खजूर, अंगूर और जैतून आदि की प्रजातियों लगाई जाएंगी। इसके अलावा वाटिका में गंगा की मूर्ति स्थापना और सरोवर भी तैयार किया जाएगा।
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