फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   परिवहन विभाग की अनदेखी से मोटर स्वामियों को लगा तीन करोड़ का चूना

परिवहन विभाग की अनदेखी से मोटर स्वामियों को लगा तीन करोड़ का चूना

Tue, 25 Jun 2019 01:29 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 01:29 AM IST
विज्ञापन
परिवहन विभाग की अनदेखी से मोटर स्वामियों को लगा तीन करोड़ का चूना
प्रतीकात्मक
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेेश। परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते रोटेशन की 487 बसें चार धाम यात्रा पर नहीं जा सकी हैं। डग्गामार वाहनों और ट्रेवल एजेंटों पर अंकुश न होने से नुकसान हो रहा है। संयुक्त रोटेशन से जुड़े मोटर स्वामियों को करीब चार करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी डग्गामार वाहनों को रोकने की बजाय इस पर संतुष्टि जता रहे हैं।
विज्ञापन

इस साल चार धाम यात्रा औपचारिक रूप से बीती पांच मई को शुरू हुई थी। सरकार के साथ मिलकर विभिन्न प्रांतों से आए हुए श्रद्धालुओं को इन धामों के दर्शन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाली संयुक्त रोटेशन को भारी संख्या में यात्रियों के बावजूद बीते साल के मुकाबले कम बसें भेजने को मिली हैं। इस बार अभी तक 22,511 यानी 23 हजार के करीब कम यात्री इन बसों से रवाना हुए हैं।
विज्ञापन

दरअसल, हरिद्वार से ही बाहर की व्यवसायिक तथा निजी वाहनों को ग्रीन कार्ड बनाना रोटेशन के नुकसान का मुख्य कारण है। इसके चलते हरिद्वार से ही बाहरी प्रांतों की गाड़ियों को भरवाकर ट्रेवल एजेंट सुबह-सुबह यात्रा के लिए रवाना कर दी जाती हैं। मगर, यात्रा मार्ग पर परिवहन विभाग की बनी चेक पोस्टों पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। यही रोटेशन के लिए चुनौती बना है। इससे परिवहन कंपनियों के मोटर मालिकों को नुकसान झेलना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारी यात्रियों के बावजूद नुकसान
डग्गामार बसों तथा ट्रेवल एजेंटों की मनमानी के चलते इस वर्ष भारी संख्या में यात्रियों के चारधाम पहुंचने के बावजूद भी रोटेशन को नुकसान हुआ है। आंकड़ा करीब चार करोड़ है।
-बृज भानु प्रकाश गिरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रोटेशन समिति

पिछले तीन वर्ष का आंकड़ा
दिनांक बसों की संख्या तीर्थयात्री
22 जून 2019 4602 1,45,000
22 जून 2018 5089 1,67,511
22 जून 2017 5099 1,52,814

एक बस पर 80 हजार खर्च
रोटेशन की एक बस पर करीब 80 हजार रुपए का खर्च आता है। ऐसे में 487 बसों के यात्रा पर न जाने के कारण सीधे तीन करोड़, 89 लाख, 60 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।

इन कंपनियों से मिलकर बना है संयुक्त रोटेशन
जीएमओयू, टीजीएमओ, यातायात, सीमांत सहकारी संघ, गढ़वाल मंडल कांट्रैक्ट कैरिज, रूपकुंड पर्यटन विकास संघ, दून वैली कांट्रैक्ट कैरिज, गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय यूजर्स रामनगर।


निजी गाड़ियों से जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। लोग रोटेशन की गाड़ियों को कम पसंद कर रहे है। यह अच्छा है कि यात्री निजी गाड़ियों से आ रहे हैं।
- दिनेश चंद पठोई, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed