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पीड़ित को कुछ हुआ तो पुलिस होगी जिम्मदार : एसडीएम
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। एक दिव्यांग की फरियाद को नजरंदाज करने पर उप जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई है। एसडीएम प्रेमलाल ने कोतवाली पुलिस को नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। साथ हिदायत भी दी है कि इस बीच यदि पीड़ित परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होगी तो उसका जिम्मेदार पुलिस प्रशासन होगा। पुलिस और तहसील के चक्कर काट रहे ज्ञान प्रकाश मंगलवार को एसडीएम प्रेमलाल के समक्ष अपनी पीड़ा बयां करने पहुंचे। मामला गंगा नगर में एक बिल्डर की जमीन खुदाई और सटे दिव्यांग ज्ञान प्रकाश के मकान के क्षतिग्रस्त होने से जुड़ा है।
बिल्डर ने अपनी इमारत खड़ी करने के लिए करीब 20 फिट खुदाई कर डाली। जिसके कारण भूखंड से सटे एक दिव्यांग का घर ढहने की कगार पर पहुंच गया है। मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट चुका है, जबकि अन्य दीवारें दरक चुकी हैं। इसकी शिकायत लेकर पीड़ित अप्रैल माह के दौरान एसडीएम के पास पहुंचा। इसके बाद एसडीएम ने मामला कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। साथ ही जांच कर आख्या देने का भी निर्देश दिया गया था। मामले को ढाई महीने से अधिक बीत चुका है लेकिन पुलिस ने एसडीएम कार्यालय को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराने की जहमत नहीं उठाई कि मौका मुआयना की हकीकत क्या है।
पुलिस सुनती नहीं, बिल्डर देता है गालियां
एसडीएम के समक्ष दिव्यांग ज्ञान प्रकाश ने बताया कि शिकायती पत्र पर जांच के निर्देश के बावजूद कोतवाली पुलिस की ओर से कोई राहत नहीं प्रदान की गई। उलटे सलाह दी जा रही है कि न्यायालय से मुकदमा दर्ज कराओ। उधर, बिल्डर आए दिन उसके साथ गाली गलौच कर रहा है।
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बिल्डर ने अपनी इमारत खड़ी करने के लिए करीब 20 फिट खुदाई कर डाली। जिसके कारण भूखंड से सटे एक दिव्यांग का घर ढहने की कगार पर पहुंच गया है। मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट चुका है, जबकि अन्य दीवारें दरक चुकी हैं। इसकी शिकायत लेकर पीड़ित अप्रैल माह के दौरान एसडीएम के पास पहुंचा। इसके बाद एसडीएम ने मामला कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। साथ ही जांच कर आख्या देने का भी निर्देश दिया गया था। मामले को ढाई महीने से अधिक बीत चुका है लेकिन पुलिस ने एसडीएम कार्यालय को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराने की जहमत नहीं उठाई कि मौका मुआयना की हकीकत क्या है।
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पुलिस सुनती नहीं, बिल्डर देता है गालियां
एसडीएम के समक्ष दिव्यांग ज्ञान प्रकाश ने बताया कि शिकायती पत्र पर जांच के निर्देश के बावजूद कोतवाली पुलिस की ओर से कोई राहत नहीं प्रदान की गई। उलटे सलाह दी जा रही है कि न्यायालय से मुकदमा दर्ज कराओ। उधर, बिल्डर आए दिन उसके साथ गाली गलौच कर रहा है।
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