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जाम के झाम से हांपा शहर, रेंग रेंग कर चले वाहन
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । वीकेंड पर तीर्थनगरी में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ के चलते मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से जगह-जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई। इतना ही नहीं मुख्य मार्गों पर हो रही समस्या से बचने के लिए लोगों ने गलियों का रुख किया और देखते देखते मुहल्ले भी जाम से लग गया। जाम के कारण दिन भर वाहन रेंगते नजर आए। रविवार को वीकेंड पर तीर्थनगरी के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वाहनों का दबाव बढ़ने पर रायवाला से शिवपुरी के बीच वाहन रेंगते नजर आए। शहर का कोई चौराहा और सड़क ऐसी नहीं थी जहां लोग जाम से परेशान न हुए हों।
चौराहों पर लगने वाले जाम को पटरी पर लाने के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। इस दौरान मुनिकीरेती, तपोवन, ब्रह्मपुरी और नटराज चौक सहित लगभग सभी चौराहों पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। चार धाम जाने वाली गाड़ियां और साहसिक पर्यटन को आने वाले छोटे वाहन भी घंटों जाम से जूझते रहे। नटराज चौक से तपोवन तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिली। इस दौरान जाम से बचने के लिए छोटे वाहन चालकों ने गली मोहल्लों की ओर रुख किया और यहां पर भी जाम लग गया। आलम यह रहा कि जो दूरी अमूमन 10 से 15 मिनट में तय हो जाती है वहां तक पहुंचने में लोगों को आधे से एक घंटे तक जूझना पड़ा।
बेतरतीब खड़े वाहनों ने खड़ी की मुसीबत
ऋषिकेश क्षेत्र में जाम का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर कार और व्यावसायिक वाहनों का बेतरतीब ढंग से पार्क करना भी रहा। शहर में अधिकांश सड़कें पर्याप्त चौड़ी नहीं हैं। अतिक्रमण के कारण ज्यादातर सड़कें सिकुड़कर रह गई हैं। दुकानों के आगे खड़े वाहन यातायात के लिए मुसीबत बने रहे।
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कोट्स
वीकेंड पर भीड़ ज्यादा होती है। सभी नाकों पर पुलिस की तैनाती रहती है। खारास्रोत से बड़े वाहनों को बाईपास मार्ग से तपोवन के लिए डायवर्ट किया जाता है। खारास्रोत से नीचे जाने के लिए सड़क संकरी होने के कारण यातायात में दिक्कतें आ रही हैं। फिर भी जाम से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
- आरके सकलानी, थाना प्रभारी मुनिकीरेती
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चौराहों पर लगने वाले जाम को पटरी पर लाने के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। इस दौरान मुनिकीरेती, तपोवन, ब्रह्मपुरी और नटराज चौक सहित लगभग सभी चौराहों पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। चार धाम जाने वाली गाड़ियां और साहसिक पर्यटन को आने वाले छोटे वाहन भी घंटों जाम से जूझते रहे। नटराज चौक से तपोवन तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिली। इस दौरान जाम से बचने के लिए छोटे वाहन चालकों ने गली मोहल्लों की ओर रुख किया और यहां पर भी जाम लग गया। आलम यह रहा कि जो दूरी अमूमन 10 से 15 मिनट में तय हो जाती है वहां तक पहुंचने में लोगों को आधे से एक घंटे तक जूझना पड़ा।
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बेतरतीब खड़े वाहनों ने खड़ी की मुसीबत
ऋषिकेश क्षेत्र में जाम का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर कार और व्यावसायिक वाहनों का बेतरतीब ढंग से पार्क करना भी रहा। शहर में अधिकांश सड़कें पर्याप्त चौड़ी नहीं हैं। अतिक्रमण के कारण ज्यादातर सड़कें सिकुड़कर रह गई हैं। दुकानों के आगे खड़े वाहन यातायात के लिए मुसीबत बने रहे।
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वीकेंड पर भीड़ ज्यादा होती है। सभी नाकों पर पुलिस की तैनाती रहती है। खारास्रोत से बड़े वाहनों को बाईपास मार्ग से तपोवन के लिए डायवर्ट किया जाता है। खारास्रोत से नीचे जाने के लिए सड़क संकरी होने के कारण यातायात में दिक्कतें आ रही हैं। फिर भी जाम से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
- आरके सकलानी, थाना प्रभारी मुनिकीरेती