{"_id":"5ced967ebdec22070b2743fc","slug":"155907447816-rishikesh-news152","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋषिकेश: मां-बेटियां स्वस्थ रहेंगी तो बच्चे स्वस्थ रहेंगे - स्वामी चिदानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋषिकेश: मां-बेटियां स्वस्थ रहेंगी तो बच्चे स्वस्थ रहेंगे - स्वामी चिदानंद
Wed, 29 May 2019 08:45 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2019 08:45 AM IST
विज्ञापन
स्वामी चिदानंद मुनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परमार्थ निकेतन आश्रम में विश्व माहवारी दिवस पर मासिक धर्म स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस मौके पर महिलाओं और किशोरियों को माहवारी प्रबंधन संबंधी जानकारी दी गई। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि ये शर्म नहीं शान है नारी की पहचान है। नारी स्वस्थ, मां स्वस्थ तो देश स्वस्थ का स्वच्छता से सीधा संबंध है। यदि देश की माताएं और बेटियां स्वस्थ रहेंगी तो बच्चे स्वस्थ रहेंगे। इसलिए इसके महत्व को समझें और स्वच्छ एवं स्वस्थ रहने का संकल्प करें।
विज्ञापन
जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि समाज में फैली मासिक धर्म संबंधी गलत अवधारणा को दूर करने महिलाओं और किशोरियों को माहवारी प्रबंधन संबंधी सही जानकारी देना ही इसका उद्देश्य है। आंकड़े के अनुसार आज भी 50 प्रतिशत सेे ज्यादा किशोरियां मासिक धर्म के कारण स्कूल नहीं जाती हैं। महिलाओं को आज भी इस मुद्दे पर बात करने में झिझक होती है जबकि आधे से ज्यादा को तो ये लगता है कि मासिक धर्म कोई अपराध है। आज के बदलते परिवेश में लड़कियां बाहर निकल रही हैं, कभी पढ़ने के लिए तो कभी नौकरी के लिए, ऐसे में अगर वो मासिक धर्म को लेकर सकुचाई रहेंगी तो वक्त के साथ कैसे चल पाएंगी।
विज्ञापन
मासिक धर्म को लेकर गलत सोच आज भी देश के कई परिवारों में है। लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान परिवार से अलग थलग कर दिया जाता है। मासिक धर्म कोई अपराध नहीं टीवी, इंटरनेट पर आज हर तरह की सामग्री मौजूद है। लोगों की सोच मासिक धर्म के बारे में बदली है लेकिन अभी भी काफी लोग इस बारे में खुलकर बातें नहीं कर रहे हैं। लोगों को समझना होगा कि मासिक धर्म कोई अपराध नहीं है बल्कि प्रकृति की ओर से महिलाओं को दिया गया एक तोहफा है।
विज्ञापन