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‘राज्य अपना काम छोड़ जन कल्याण में अधिक सक्रिय’
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान में ‘राज्य के दायित्व और कर्तव्यों की समीक्षा’ विषय पर नियमित ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मौलिक चिंतक बजरंग मुनि ने कहा कि व्यक्तियों का समूह समाज होता है। धर्म और राज्य समाज के सहायक होते हैं, धर्म व्यक्तियों का मार्ग दर्शन करता है। भारत के संविधान से लेकर राज्य तक के संचालन में भारतीय राज्य व्यवस्था ने विदेशों की नकल की, इसलिए भारतीय राज्य व्यवस्था ने अपने दायित्व सुरक्षा और न्याय के साथ साथ जनकल्याण को भी शामिल कर लिया। जनकल्याण राज्य का स्वैच्छिक कर्तव्य मात्र होता है दायित्व नहीं।
वर्तमान में बलात्कार बढ़ रहे हैं और राज्य वेश्यावृत्ति बार बालाओं की रोकथाम कर रहा है। आतंकवाद और हिंसा बढ़ रही है और राज्य तंबाकू, शराब रोक रहा है। राज्य अपना काम छोड़कर जन कल्याण में अधिक सक्रिय है। मुनि ने कहा कि राज्य को अपनी कार्यक्षमता का आंकलन करके अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। उनमें से आतंकवाद, हिंसा, मिलावट, बलात्कार, जालसाजी आदि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के बाद जुआ, शराब, वेश्यावृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि कार्यों में अपनी शक्ति लगानी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. स्वामी शिवपूजानंद सरस्वती, उत्तम असवाल, राजीव थपलियाल, योगाचार्य अंकित नैथानी, शिवमोहन मिश्र, संजय तांती, कुसुम जोशी, विजय पैन्यूली, वीरेंद्र ममगाईं, संकित सेमवाल, पंकज उनियाल, राजेंद्र जोशी, विपिन तिवारी, नवीन शर्मा, ऋषि द्विवेदी, मंगल प्रसाद, मयंक जुयाल, विकास कुकरेती, भीष्म धस्माना टीकाराम देवरानी मौजूद थे।
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वर्तमान में बलात्कार बढ़ रहे हैं और राज्य वेश्यावृत्ति बार बालाओं की रोकथाम कर रहा है। आतंकवाद और हिंसा बढ़ रही है और राज्य तंबाकू, शराब रोक रहा है। राज्य अपना काम छोड़कर जन कल्याण में अधिक सक्रिय है। मुनि ने कहा कि राज्य को अपनी कार्यक्षमता का आंकलन करके अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। उनमें से आतंकवाद, हिंसा, मिलावट, बलात्कार, जालसाजी आदि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के बाद जुआ, शराब, वेश्यावृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि कार्यों में अपनी शक्ति लगानी चाहिए।
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इस अवसर पर डॉ. स्वामी शिवपूजानंद सरस्वती, उत्तम असवाल, राजीव थपलियाल, योगाचार्य अंकित नैथानी, शिवमोहन मिश्र, संजय तांती, कुसुम जोशी, विजय पैन्यूली, वीरेंद्र ममगाईं, संकित सेमवाल, पंकज उनियाल, राजेंद्र जोशी, विपिन तिवारी, नवीन शर्मा, ऋषि द्विवेदी, मंगल प्रसाद, मयंक जुयाल, विकास कुकरेती, भीष्म धस्माना टीकाराम देवरानी मौजूद थे।
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