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जीवन में सफल होना है तो रखें हौसला : प्रभा
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ब्यूरो/अमर उजाला, श्यामपुर। जो तमाम बाधाओं को पार कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करे वही अपराजिता है। जीवन में सफल होने के लिए हौसला होना बहुत जरूरी है। जिनका हौसला टूट जाता है वो बिखर जाते हैं तथा जो अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हैं वो निखर जाते हैं। अमर उजाला की ओर से बापूग्राम स्थित मार्निंग बेल्स स्कूल में आयोजित अपराजिता महाभियान के दौरान यह बात स्कूल की प्रधानाचार्य प्रभा थपलियाल ने कही। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल महाभियान के तहत सोमवार को मार्निंग बेल्स स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विद्यालयों के बच्चों ने सरस्वती वंदना सहित, सांस्कृतिक कार्यक्रम और योग का भी प्रदर्शन किया।
देवी की डोली यात्रा व गढ़वाली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। बालिका अंजलि थपलियाल ने नारी सशक्तीकरण को लेकर सुंदर कविता प्रस्तुत की। इस मौके पार्षद रश्मि देवी, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान, स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड अंबेसडर रवि शास्त्री, मैत्री संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी, पूर्व प्रधान अनीता असवाल, पुष्पा ध्यानी, बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव थपलियाल, पूर्ण डोभाल, अरुण बंसल, प्रमिला त्रिवेदी, दुर्गा देवी, रवि रस्तोगी, ज्योति खालसा आदि के साथ काफी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता चित्रमणि देशवाल ने किया।
विदेशी साधकों ने भी की हिस्सेदारी
श्यामपुर। स्पेन से आई चैतन्य व पवित्रता ने भी अपराजिता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारतीय संस्कृति से प्रभावित है। हमें भारत से बहुत कुछ सीखने को मिला है। ये वो संस्कृति है जहां कन्याओं की पूजा की जाती है। चैतन्य ने कहा कि लड़कियां बेहद ताकतवर और धैर्यवान होती हैं। उन्हें बस अपनी क्षमता पहचानने की देर है। हमें यदि अपनी बेटियों को अपराजिता बनाना है तो लड़के लड़की का भेद खत्म करना होगा। पवित्रता ने कहा कि लड़कियों को लड़कों जैसा बनने की कोई जरूरत नहीं। ईश्वर की हर रचना नायाब है। कोशिश करें कि जो है उसी को बेहतर तरीके से निखारें। यही लड़कियों को अपने क्षेत्र में अपराजिता बनाएगा।
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बिन बेटी परिवार अधूरा
श्यामपुर। पूर्व प्रधान ऋषिकेश अनीता असवाल ने कहा कि उनका एक बेटा है। मगर, जब तक बेटी न हो परिवार अधूरा सा लगता है। यही कारण है कि हाल में उन्होंने एक बेटी गोद ली है। बेटी की अच्छी परवरिश कर ऊंचा मुकाम हासिल करने में हर संभव मदद करुंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को सबल और सशक्त बनाने की दिशा में अमर उजाला की पहल बेहद सराहनीय है। समाज में हर व्यक्ति के मन में नारी सशक्तीकरण की मंशा कहीं न कहीं दबी सी है।
पौड़ी छात्रा को दी श्रद्धांजलि
श्यामपुर। पौड़ी की बेटी के निधन पर सभी ने एक मिनट का मौन रखकर उसे भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आज बेटी को बाहर भेजने में भी डर लगा रहता है। कहा पौड़ी जैसी वीभत्स घटनाएं पूरे समाज का शर्मसार करती हैं। असामाजिक तत्वों पर शासन प्रशासन को भी कड़ी नजर रखनी चाहिए।
शिक्षिकाओं ने महाभियान की सरहना की
अमर उजाला की ओर से की गई पहल अच्छी है। अपराजिता मां दुर्गा की शक्ति का रूप है। परिवार को अपनी बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए।
- गीता चौहान, शिक्षिका
शिक्षा के जरिये समाज में फैली विकृति को दूर किया जा सकता है। इसलिए आज संस्कारवान शिक्षा की आवश्यकता है। नारी सशक्तीकरण की दिशा में अमर उजाला की दूरगामी पहल सराहनीय है।
- बबीता बड़ोनी, शिक्षिका
असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी कुछ बदलाव नहीं होगा। सोच बदलने को लेकर ये बहुत अच्छा कार्यक्रम है।
- मीनाक्षी पयाल, शिक्षिका
विद्यालय के बच्चों को अपराजिता कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखने को मिला। ये जनचेतना का कार्यक्रम समाज को एक नई दिशा देने का काम करेगा।
- प्रभा थपलियाल, प्रधानाचार्या मार्निंग बेल्स
अपराजिता कार्यक्रम से छात्राओं को मिली ताकत
ये बहुत अच्छा कार्यक्रम था। हमें अपने अधिकारों की भी जानकारी जरूर होनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम हमारी जैसी तमाम छात्राओं को सजग और सबल बनाने का काम करते हैं।
- प्राची वर्मा, छात्रा
जहां नारी की पूजा होती है उस घर में देवी-देवता स्वयं विराजमान हो जाते हैं। नारी सर्जक होती है। समाज में छेड़छाड़ जैसी घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। हमें इसका डटकर विरोध करना चाहिए।
- रीना रावत, छात्रा
इस कार्यक्रम से हमने सीखा कि हमें हौंसला बनाए रखना चाहिए। तभी हम जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी किसी के लिए भी सबसे बड़ी ताकत होती है।
- प्रिया शर्मा, छात्रा
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देवी की डोली यात्रा व गढ़वाली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। बालिका अंजलि थपलियाल ने नारी सशक्तीकरण को लेकर सुंदर कविता प्रस्तुत की। इस मौके पार्षद रश्मि देवी, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान, स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड अंबेसडर रवि शास्त्री, मैत्री संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी, पूर्व प्रधान अनीता असवाल, पुष्पा ध्यानी, बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव थपलियाल, पूर्ण डोभाल, अरुण बंसल, प्रमिला त्रिवेदी, दुर्गा देवी, रवि रस्तोगी, ज्योति खालसा आदि के साथ काफी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता चित्रमणि देशवाल ने किया।
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विदेशी साधकों ने भी की हिस्सेदारी
श्यामपुर। स्पेन से आई चैतन्य व पवित्रता ने भी अपराजिता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारतीय संस्कृति से प्रभावित है। हमें भारत से बहुत कुछ सीखने को मिला है। ये वो संस्कृति है जहां कन्याओं की पूजा की जाती है। चैतन्य ने कहा कि लड़कियां बेहद ताकतवर और धैर्यवान होती हैं। उन्हें बस अपनी क्षमता पहचानने की देर है। हमें यदि अपनी बेटियों को अपराजिता बनाना है तो लड़के लड़की का भेद खत्म करना होगा। पवित्रता ने कहा कि लड़कियों को लड़कों जैसा बनने की कोई जरूरत नहीं। ईश्वर की हर रचना नायाब है। कोशिश करें कि जो है उसी को बेहतर तरीके से निखारें। यही लड़कियों को अपने क्षेत्र में अपराजिता बनाएगा।
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बिन बेटी परिवार अधूरा
श्यामपुर। पूर्व प्रधान ऋषिकेश अनीता असवाल ने कहा कि उनका एक बेटा है। मगर, जब तक बेटी न हो परिवार अधूरा सा लगता है। यही कारण है कि हाल में उन्होंने एक बेटी गोद ली है। बेटी की अच्छी परवरिश कर ऊंचा मुकाम हासिल करने में हर संभव मदद करुंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को सबल और सशक्त बनाने की दिशा में अमर उजाला की पहल बेहद सराहनीय है। समाज में हर व्यक्ति के मन में नारी सशक्तीकरण की मंशा कहीं न कहीं दबी सी है।
पौड़ी छात्रा को दी श्रद्धांजलि
श्यामपुर। पौड़ी की बेटी के निधन पर सभी ने एक मिनट का मौन रखकर उसे भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आज बेटी को बाहर भेजने में भी डर लगा रहता है। कहा पौड़ी जैसी वीभत्स घटनाएं पूरे समाज का शर्मसार करती हैं। असामाजिक तत्वों पर शासन प्रशासन को भी कड़ी नजर रखनी चाहिए।
शिक्षिकाओं ने महाभियान की सरहना की
अमर उजाला की ओर से की गई पहल अच्छी है। अपराजिता मां दुर्गा की शक्ति का रूप है। परिवार को अपनी बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए।
- गीता चौहान, शिक्षिका
शिक्षा के जरिये समाज में फैली विकृति को दूर किया जा सकता है। इसलिए आज संस्कारवान शिक्षा की आवश्यकता है। नारी सशक्तीकरण की दिशा में अमर उजाला की दूरगामी पहल सराहनीय है।
- बबीता बड़ोनी, शिक्षिका
असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी कुछ बदलाव नहीं होगा। सोच बदलने को लेकर ये बहुत अच्छा कार्यक्रम है।
- मीनाक्षी पयाल, शिक्षिका
विद्यालय के बच्चों को अपराजिता कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखने को मिला। ये जनचेतना का कार्यक्रम समाज को एक नई दिशा देने का काम करेगा।
- प्रभा थपलियाल, प्रधानाचार्या मार्निंग बेल्स
अपराजिता कार्यक्रम से छात्राओं को मिली ताकत
ये बहुत अच्छा कार्यक्रम था। हमें अपने अधिकारों की भी जानकारी जरूर होनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम हमारी जैसी तमाम छात्राओं को सजग और सबल बनाने का काम करते हैं।
- प्राची वर्मा, छात्रा
जहां नारी की पूजा होती है उस घर में देवी-देवता स्वयं विराजमान हो जाते हैं। नारी सर्जक होती है। समाज में छेड़छाड़ जैसी घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। हमें इसका डटकर विरोध करना चाहिए।
- रीना रावत, छात्रा
इस कार्यक्रम से हमने सीखा कि हमें हौंसला बनाए रखना चाहिए। तभी हम जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी किसी के लिए भी सबसे बड़ी ताकत होती है।
- प्रिया शर्मा, छात्रा