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Rishikesh News: 1200 मेगावाट की परियोजना के कार्यान्वयन पर हस्ताक्षर
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टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से 30 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में 1200 मेगावाट की कलाई-द्वितीय जलविद्युत परियोजना के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि इस परियोजना में 7 उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। जिनमें 190 मेगावाट की 6 इकाइयां और 60 मेगावाट की एक इकाई शामिल हैं। परियोजना की अनुमानित लागत 13,000 करोड़ रुपये हैं।
यह समझौता ज्ञापन एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में परियोजना की भूमिका को रेखांकित करता है, जिससे न केवल ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा बल्कि लोहित बेसिन में समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा।
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कहा, राष्ट्र के हरित ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान करते हुए परियोजना से वार्षिक 4852.95 मिलियन यूनिट (एमयू) ऊर्जा उत्पन्न होने की संभावना है। जो समग्र ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ सहजता से समायोजित है। टीएचडीसीआईएल, अरुणाचल प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है।
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टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि इस परियोजना में 7 उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। जिनमें 190 मेगावाट की 6 इकाइयां और 60 मेगावाट की एक इकाई शामिल हैं। परियोजना की अनुमानित लागत 13,000 करोड़ रुपये हैं।
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यह समझौता ज्ञापन एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में परियोजना की भूमिका को रेखांकित करता है, जिससे न केवल ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा बल्कि लोहित बेसिन में समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा।
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कहा, राष्ट्र के हरित ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान करते हुए परियोजना से वार्षिक 4852.95 मिलियन यूनिट (एमयू) ऊर्जा उत्पन्न होने की संभावना है। जो समग्र ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ सहजता से समायोजित है। टीएचडीसीआईएल, अरुणाचल प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है।