{"_id":"65ac2dc1896dd2c7ef090b97","slug":"12-member-team-under-the-leadership-of-chief-forest-rishikesh-news-c-5-1-drn1030-333214-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Asan Barrage: यहां बसने लगा पक्षियों का संसार, 141 प्रजातियों के 5250 पक्षी पहुंचे बैराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Asan Barrage: यहां बसने लगा पक्षियों का संसार, 141 प्रजातियों के 5250 पक्षी पहुंचे बैराज
Sun, 21 Jan 2024 04:05 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jan 2024 04:05 PM IST
सार
आसन कंजर्वेशन रिजर्व पार्क देश की 38वीं रामसर साइट है। यह उत्तराखंड की पहली रामसर साइट भी है। यहां सर्दियों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते है।
विज्ञापन
आसन बैराज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड एवं अध्यक्ष जैव विविधता बोर्ड उत्तराखंड धनंजय मोहन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने आसन कंजर्वेशन रिजर्व पार्क में प्रवासी पक्षियों की गणना की। पार्क में अब तक विभिन्न प्रजातियों के 5250 प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या करीब 954 यूरेशियन कूट की पाई गई है
विज्ञापन
आसन कंजर्वेशन रिजर्व पार्क देश की 38वीं रामसर साइट है। यह उत्तराखंड की पहली रामसर साइट भी है। यहां सर्दियों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते है। खासकर यह जगह सुर्खाब पक्षी के लिए प्रसिद्ध है। देशभर से पर्यटक यहां सुर्खाब पक्षी को देखने आते है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में यूरेशियन कूट, गैडवाल और रेड क्रेस्टेड पोचार्ड पक्षी भी आसन बैराज पहुंचे हैं।
विज्ञापन
शनिवार को प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड एवं अध्यक्ष जैव विविधता बोर्ड उत्तराखंड धनंजय मोहन और अपर वन संरक्षक व सदस्य जैव विविधता बोर्ड उत्तराखंड आरके मिश्र आसन बैराज पहुंचे। उनके साथ 10 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भी थी। टीम ने प्रवासी पक्षियों की गणना की। इस दौरान पार्क में 5250 प्रवासी पक्षी पाए गए। इनमें सबसे अधिक संख्या 954 यूरेशियन कूट, 783 गैडवाल और 608 रेड क्रेस्टेड पोचार्ड और 487 सुर्खाब की पाई गई है।
विज्ञापन
ये रहे मौजूद
गणना के दौरान उप निदेशक एलबीएसएनए अभिराम शंकर, आईएफएस मुथू एस, सुजीत, डब्लूएफ सुनीति दत्ता, बीएसआईपी इंटर्न रिया जैन, अनुदेशक दाताराम कुकरतेती, उप वन क्षेत्राधिकारी त्रिलोचन प्रसाद, वन दरोगा प्रदीप सक्सेना, सुरेश कुमार, राहुल चौहान आदि शामिल रहे।