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अनुबंध के तीन साल बाद शुरू हुआ ट्रैफिक सिग्नल का काम
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले नगर निगम को विकास योजनाओं के भूले बिसरे काम याद आने लगे हैं। शहर में ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने के लिए अनुबंध वर्ष 2016 में हुआ था, लेकिन काम अब शुरू हो पाया है। करीब दो साल निगम और कार्यकारी संस्था को अनुबंध की याद नहीं रही। इन दिनों नगर निगम क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का कार्य जोरों पर है। पुराने ट्रैफिक सिग्नल पोल को उखाड़कर नए साजो सामान लगाए जा रहे हैं। जो ट्रैफिक सिग्नल पूर्व में लगे थे उनकी लाइटें कई सालों से फ्यूज पड़ी रहीं। किसी ने इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया कि ट्रैफिक सिग्नल आखिर काम क्यों नहीं कर रहे हैं।
बता दें कि 22 दिसंबर 2016 को तत्कालीन नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। इसी क्रम में 15 जून 2017 को नगर पालिका और मैसर्स एसेंट ट्रैफिक एंड मीडिया सॉल्यूशन देहरादून के अधिकृत प्रतिनिधि आरके अग्रवाल के बीच एक अनुबंध पत्र तैयार हुआ। इसके तहत संस्था को अगले दस वर्षों के लिए पालिका क्षेत्र में ट्रैफिक सिग्नल लगाने और देखभाल का काम सौंपा गया। इसके लिए तय हुआ था कि संस्था को पालिका की ओर से किसी भी प्रकार की वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। मरम्मत का कार्य भी संस्था को ही सौंपा गया था।
अनुबंध हुए करीब दो वर्ष बीत गए, इसके बावजूद वर्तमान नगर निगम और न ही अनुबंध वाली संस्था को ट्रैफिक सिग्नल का होश आया। रविवार से चारधाम यात्रा की पहली बस तीर्थ यात्रियों को लेकर ऋषिकेश से प्रस्थान करेगी। ऐसे में अब आनन-फानन में ट्रैफिक सिग्नल को नगर के मुख्य चौराहों, आईडीपीएल सिटी गेट, वीरभद्र मार्ग तिराहा, दून तिराहा, नटराज चौक, हरिद्वार बाईपास चौराहा, त्रिवेणी घाट चौराहे पर लगाए जा रहे हैं।
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कोट्स
निगम क्षेत्र में मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैैं। यह तत्कालीन पालिका बोर्ड में प्रस्ताव के तहत पुराने अनुबंध के अंतर्गत ही किया जा रहा है। इसमें नगर निगम ने थर्ड पार्टी को काम सौंपा है। यह ट्रैफिक सिग्नल विद्युत से संचालित होगा।
- उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त।
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बता दें कि 22 दिसंबर 2016 को तत्कालीन नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। इसी क्रम में 15 जून 2017 को नगर पालिका और मैसर्स एसेंट ट्रैफिक एंड मीडिया सॉल्यूशन देहरादून के अधिकृत प्रतिनिधि आरके अग्रवाल के बीच एक अनुबंध पत्र तैयार हुआ। इसके तहत संस्था को अगले दस वर्षों के लिए पालिका क्षेत्र में ट्रैफिक सिग्नल लगाने और देखभाल का काम सौंपा गया। इसके लिए तय हुआ था कि संस्था को पालिका की ओर से किसी भी प्रकार की वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। मरम्मत का कार्य भी संस्था को ही सौंपा गया था।
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अनुबंध हुए करीब दो वर्ष बीत गए, इसके बावजूद वर्तमान नगर निगम और न ही अनुबंध वाली संस्था को ट्रैफिक सिग्नल का होश आया। रविवार से चारधाम यात्रा की पहली बस तीर्थ यात्रियों को लेकर ऋषिकेश से प्रस्थान करेगी। ऐसे में अब आनन-फानन में ट्रैफिक सिग्नल को नगर के मुख्य चौराहों, आईडीपीएल सिटी गेट, वीरभद्र मार्ग तिराहा, दून तिराहा, नटराज चौक, हरिद्वार बाईपास चौराहा, त्रिवेणी घाट चौराहे पर लगाए जा रहे हैं।
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निगम क्षेत्र में मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैैं। यह तत्कालीन पालिका बोर्ड में प्रस्ताव के तहत पुराने अनुबंध के अंतर्गत ही किया जा रहा है। इसमें नगर निगम ने थर्ड पार्टी को काम सौंपा है। यह ट्रैफिक सिग्नल विद्युत से संचालित होगा।
- उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त।