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खामियों का खुलासा होने के बाद एमडीडीए दे रहा सफाई

Sat, 23 Apr 2016 10:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 23 Apr 2016 10:48 AM IST
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Revealing flaws in ISBT Extension plans.
एमडीडीए द्वारा आईएसबीटी के समीप बनाएं गए फ्लैट के दरवाजे नही होते है बंद - फोटो : amar ujala

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की आईएसबीटी एक्सटेंशन योजना में खामियों का खुलासा होने के बाद प्राधिकरण ने अपनी सफाई दी है। प्राधिकरण के सचिव का कहना है कि उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए हैमर और क्यूब टेस्ट कराए थे। दूसरी ओर, ग्राहकों का कहना है कि यह महज प्राधिकरण का छलावा है। 

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जहां गृह प्रवेश से पहले ही दरवाजे मुड़ रहे हों, वहां गुणवत्ता की बात बेमानी है। एमडीडीए सचिव पीसी दुमका की ओर से भेजे गए पत्र के मुताबिक अभी इस योजना का प्रारंभिक चरण है, जिसमें फरवरी 2016 में फ्लैट्स आवंटन के बाद मार्च 2016 से फ्लैट्स पर कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
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हैमर टेस्ट और क्यूब टेस्ट कराए 
उन्होंने पत्र में बताया कि प्राधिकरण ने निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हैमर टेस्ट और क्यूब टेस्ट कराए थे, जबकि दो एमआईजी फ्लैट्स पर कब्जा लेने वाले मदन मोहन गुप्ता का कहना है कि गुणवत्ता के नाम पर प्राधिकरण छलावा कर रहा है। 
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यहां दरवाजे मुड़े हुए हैं, टाइल्स सही तरीके से नहीं लगी, बाथरूम गंदे हैं, बिजली-पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, हाथ लगाने पर प्लास्टर उतर रहा है। इसकी लिखित शिकायत भी वह एमडीडीए के सचिव को कर चुके हैं। ऐसे में एमडीडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजिमी हैं।

एमडीडीए की सफाई

  • फ्लैट्स में बिजली-पानी के मामले पर एमडीडीए सचिव पीसी दुमका का कहना है कि बिजली के लिए पावर कारपोरेशन से बात हो चुकी है।
  • आवेदन करने वालों को कनेक्शन दिया जा रहा है, जबकि पानी की सप्लाई के लिए अलग से ट्यूबवेल लगाने को जल संस्थान को जगह दी गई है।
  • प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त पार्क एवं खेल गतिविधियों के लिए लगभग 95 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किया गया है।
  • कब्जा स्थानांतरण के बाद आगामी छह महीने के भीतर निर्माण या गुणवत्ता संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत का निराकरण कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम की ओर से निशुल्क किया जाएगा।
  • प्राधिकरण की ओर से गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी निरंतर परिवेक्षण किया जाता है। साथ ही प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता समीक्षा करते हैं और सचिव व उपाध्यक्ष स्तर से निरीक्षण कर समीक्षा की जाती है। 
  • एमडीडीए ने आईएसबीटी फ्लैट्स हासिल करने वाले ग्राहकों के लिए अलग से शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया है। प्रकोष्ठ में ग्राहक गुणवत्ता या निर्माण संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। एक सप्ताह के भीतर उनकी शिकायतों का निवारण किया जाएगा।

क्या होता है हैमर व क्यूब टेस्ट
हैमर टेस्ट दीवार का निर्माण होने के बाद उसके ऊपर लगाए गए प्लास्टर की मजबूती के निरीक्षण को होता है। इससे पता चलता है कि प्लास्टर कितना मजबूत है। 

क्यूब टेस्ट से निर्माण के दौरान तैयार किए जाने वाले कॉलम का परीक्षण किया जाता है। बड़े प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता, मजबूती परखने के लिए क्यूब टेस्ट होता है।

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