{"_id":"571902144f1c1ba06e8b4796","slug":"remained-a-threat-to-harish-rawat","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" बागियों की बहाली पलट सकती है उत्तराखंड में सत्ता की बाजी!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागियों की बहाली पलट सकती है उत्तराखंड में सत्ता की बाजी!
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Apr 2016 02:57 PM IST
सार
- बागियों की बहाली बदल देगी लड़ाई का रुख
- न्यायालय ने सदस्यता बहाल की तो बहुमत के दिन आ सकती है दिक्कत
- आज नैनीताल हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
विज्ञापन
हरीश रावत
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरीश रावत पुन: सत्तासीन हो गए है। फिलहाल सदन की जो तस्वीर है, उससे फ्लोर टेस्ट में हरीश रावत को खतरा नहीं दिख रहा है। अब भी एक कारण है जो कांग्रेस को डरा रहा है।
विज्ञापन
बागियों की सदस्यता पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, यदि बागियों की सदस्यता बहाल हो गई तो बहुमत की सरकार फिर अल्पमत में आ सकती है, क्योंकि विधानसभा में अंकगणित ही सरकार बनाने का एकमात्र माध्यम होता है।
विज्ञापन
नौ बागियों की सदस्यता रद्द होने के बाद अब 61 का सदन रह गया है। एक नामित को जोड़ ले तो 62 हो गए। लेकिन, बहुमत के लिए 31 ही चाहिए, क्योंकि नामित सदस्य तो सत्तापक्ष का ही होता है।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय में कल बागियों की सदस्यता को लेकर सुनवाई
फिलहाल नामित समेत कांग्रेस के पास 34 विधायक है, यानि सामान्य बहुमत से भी तीन ज्यादा। वहीं, उच्च न्यायालय में शुक्रवार को बागियों की सदस्यता को लेकर सुनवाई होनी है।
कोर्ट की यह सुनवाई सत्ता की बाजी को पलट सकती है। यदि नौ बागी बहाल हो गए तो सदन फिर से 70 सदस्यों का हो जाएगा, जिसमें सरकार को बहुमत के लिए 36 विधायकों का समर्थन चाहिए।
यदि ये बहाल होते हैं, वैसे तो इन पर पार्टी का व्हिप लागू होगा। इसमें भी जटिलताएं बहुत हैं। यदि फ्लोर टेस्ट के वक्त बागियों ने सरकार के खिलाफ वोट कर दिया तो सरकार का गिरना तय है। हालांकि ऐसा होने की स्थिति में इन विधायकों की सदस्यता रद्द हो जाएगी, लेकिन सरकार नहीं बचेगी।
बागियों में कमजोर कड़ी कर सकते है वापसी
बागी विधायक
- फोटो : file photo
नौ बागियों में से दो तीन कमजोर कड़ी भी है, जो कि मौका मिलने पर वापसी कर सकते है। यदि दो या तीन ने भी वापसी की और फ्लोर टेस्ट में सरकार को वोट कर दिया तो बाकी बागियों से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऐसे में सरकार को वोट करने वाले सदस्यों के बारे में कांग्रेस सॉफ्ट कार्नर भी रख सकती है।
इस प्रबंधन से बच सकती है जान
यदि उच्च न्यायालय बागियों की सदस्यता बहाल कर देता है, तो कांग्रेस तत्काल उस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय से स्थगनादेश प्राप्त कर ले, फिर संकट टल सकता है। लेकिन इसके लिए कांग्रेस को नैनीताल से लेकर दिल्ली तक अपने कानूनविदों की फौज को अलर्ट पर रखना होगा।
इस प्रबंधन से बच सकती है जान
यदि उच्च न्यायालय बागियों की सदस्यता बहाल कर देता है, तो कांग्रेस तत्काल उस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय से स्थगनादेश प्राप्त कर ले, फिर संकट टल सकता है। लेकिन इसके लिए कांग्रेस को नैनीताल से लेकर दिल्ली तक अपने कानूनविदों की फौज को अलर्ट पर रखना होगा।