सियासी घमासान के बीच क्षेत्रीय दल जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर
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प्रदेश में सियासी घमासान के बीच आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी सहित अन्य क्षेत्रीय दल अपना जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर उतर आए हैं। भाजपा और कांग्रेस के विधायकों के बीच चल रही सत्ता की लड़ाई में क्षेत्रीय और छोटी पार्टियां अपना कुनबा बढ़ाने का बड़ा मौका देख रही हैं।
सीएम ने सोमवार को जिन तीन मुद्दों पर भाजपा को घेरा वह असल में क्षेत्रीय दलों के उठाए मुद्दे हैं। नैनीसार भूमि प्रकरण उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के आंदोलन से पनपा है, जबकि स्मार्ट सिटी आम आदमी पार्टी की देन है। अब तक राजनीतिक वजूद के चलते छोटे माने जाने वाले दल उसे बड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इन मसलों पर प्रहार भले ही भाजपा पर किया लेकिन बल छोटे और क्षेत्रीय दलों को मिला है। स्मार्ट सिटी पर सीएम जो आरोप भाजपा पर लगा रहे हैं वह असल में आम आदमी पार्टी और वामदलों का मुद्दा है, जिसके लिए आप ने चिपको आंदोलन से लेकर टी स्टेट में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
दोनों दलों को एक्सपोज करने के लिए जनता के बीच जाएंगे दल
आम आदमी पार्टी स्मार्ट सिटी पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के बीच साठगांठ का आरोप लगाती रही है। अब आप और व्यापक तरीके से इस मुददे को लेकर जनता के बीच जा रही है।
नैनीसार भूमि के मुद्दे में चले विरोध को सीएम ने भाजपा के खाते में डाला, लेकिन उसको उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के पीसी तिवारी ने उठाया।
कुमाऊं में परिवर्तन पार्टी इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन कर चुकी है। अब उसको और व्यापक रूप दे रही है। आम आदमी पार्टी के नेता अनूप नौटियाल का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों का चरित्र इस घमासान से बेनकाब हो चुका है।
दिल्ली में आप ने साबित किया है कि वह भाजपा और कांग्रेस का बेहतरीन विकल्प है। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ उन्होंने एक बार फिर उत्तराखंड बचाओ, उत्तराखंड बसाओ अभियान चला दिया है।
दोनों ही राष्ट्रीय दल निजी स्वार्थों और सत्ता के लोभ की सियासत कर रहे हैं। हम अब दोनों ही दलों को एक्सपोज करने के लिए जनता के बीच जा रहे हैं।